Advertisements

Chinnamasta Kavach छिन्नमस्ता कवच

Chinnamasta Kavach छिन्नमस्ता कवच

साधकों को मां छिन्नमस्ता का जप करने से पहले कवच का पाठ अवश्य करना चाहिए। यह एक बहुत ही उच्चकोटि की एवं उग्र साधना है, इसलिए सर्वप्रथम किसी योग्य गुरू से दीक्षा अवश्य ग्रहण करें। किताबों से पढकर यह साधना करने का प्रयास कदापि न करें। जो साधक कुण्डलिनी जागरण में रूचि रखते हैं उन्हें छिन्नमस्ता साधना अवश्य करनी चाहिए। मां छिन्नमस्ता की साधना से योग की सिद्धि भी सरलता से मिल जाती है। बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान इस साधना से सम्भव है। मां छिन्नमस्ता आप पर कृपा करें।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें – 9917325788, 9540674788

Download Chinnamasta Kavach in Hindi,Sanskrit and English Pdf

Read Another Article on Ma Chinnamasta Mantra Sadhana Evam Siddhi

 

Read the rest of this entry

श्री कामाख्या साधना रहस्य Shri Kamakhya Sadhana Rahasya By Sri Yogeshwaranand Ji & Sumit Girdharwal

श्री कामाख्या साधना रहस्य Shri Kamakhya Sadhana Rahasya By Sri Yogeshwaranand Ji & Sumit Girdharwal

माँ पीताम्बरा की कृपा से श्री कामाख्या साधना रहस्य ग्रंथ का प्रकाशन सम्भव हुआ। आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि ये आपके जीवन में उपयोगी सिद्ध होगी।  अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें – 9540674788 , 9410030994. Email : shaktisadhna@yahoo.com. ISBN – 978-93-5300-470-5

Buy Shri Kamakhya Sadhana Rahasy Book

 

शुल्क – Rs 410/= ( डाक खर्च सहित )

शुल्क – Rs 480/=  ( कूरियर खर्च सहित )

पुस्तक प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए  खाते में जमा करें –

Astha Prakashan Mandir
Axis Bank. 917020072807944
IFSC Code – UTIB0001094
Branch – Baghpat (U.P.) Pin 250609

Paytm – 9540674788

Buy Shri Kamakhya Sadhana Rahasy Book Online

If you want to buy this book then deposit Rs 410/= (delivered by indian post) or Rs 480/= (delivered by courier) in above account or you can also pay via paytm.

Our Other Books which you can buy –

  1. Sri Baglamukhi Tantram श्री बगलामुखी तन्त्रम
  2. Agama Rahasya आगम रहस्य
  3. Shatkarm Vidhaan षट्कर्म विधान
  4. Pratyangira Sadhana Rahasya श्री प्रत्यंगिरा साधना रहस्य ग्रन्थ
  5. Yantra Sadhana यन्त्र साधना
  6. Shodashi Mahavidya षोडशी महाविद्या
  7. Mahavidya Sri Baglamukhi Sadhana Aur Siddhi ( महाविद्या श्री बगलामुखी साधना और सिद्धि योगेश्वरानंद )

Read the rest of this entry

Yantra Sadhana Book By Sri Yogeshwaranand & Sumit Girdharwal

Yantra Sadhana Book by Sri Yogeshwaranand Ji & Sumit Girdharwal (Collection of 131 Divine & Rare Yantras)

माँ पीताम्बरा की कृपा से यन्त्र साधना पुस्तक का प्रकाशन सम्भव हुआ। आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि ये आपके जीवन में उपयोगी सिद्ध होगी।

Buy Yantra Sadhana Book Online from Astha Prakashan Mandir

Buy Yantra Sadhana Book Online from Ebay

Yantra Sadhana Book By Sri Yogeshwaranand & Sumit Girdharwal

Read the rest of this entry

Baglamukhi Shodashopachara Pujan बगलामुखी षोडशोपचार पूजन

Baglamukhi Shodashopachara Pujan बगलामुखी षोडशोपचार पूजन

शास्त्रों में देवी-देवताओं को प्रसन्न करने हेतु उपासना-विधियों में सर्वोत्तम उपासना-विधि उनके षोडशोपचार पूजन को माना गया है। षोडशोपचार पूजन का अर्थ होता है – सोलह उपचारों से पूजन करना। सोलह उपचार निम्नवत् कहे गए हैं।
(1) आवाहन (2) आसन (3) पाद्य (4) अर्घ्य (5) स्नान (6) वस्त्र
(7) यज्ञोपवीत (8) गन्ध (9) पुष्प तथा पुष्पमाला (10) दीपक (11) अक्षत (चावल) (12) पान-सुपारी-लौंग (13) नैवेद्य (14) दक्षिणा (15) आरती (16) प्रदक्षिणा तथा पुष्पाञ्जलि।
इन उपचारों के अतिरिक्त पांच उपचार, दश उपचार, बारह उपचार, अट्ठारह उपचार आदि भी होते हैं। लेकिन यहां 16 उपचारों की पूजन- सामग्री एवं उनका विधान अंकित किया जा रहा है। सामग्री को पूजा से पहले अपने पास रख लेना चाहिए। यहां सामग्री में हवन की सामग्री भी लिखी गयी है। यदि केवल पूजन ही करना हो तो वांछित सामग्री का चयन साधक अपनी सुविधा तथा उपलब्धता के अनुसार करके एकत्र कर लें।

For Baglamukhi Mantra Diksha & sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9540674788.

Download Baglamukhi Shodashopchar Poojan बगलामुखी षोडशोपचार पूजन

Read the rest of this entry

Devi Baglamukhi Hridaya Stotra in Hindi & Sanskrit (बगलामुखी हृदय स्तोत्र)

Baglamukhi Hridaya Stotram बगलामुखी हृदय स्तोत्र

This Hymn  (Baglamukhi Hridaya Stotram) is considered to be heart of the Mother. Hymn’s follower attains whatever he see in this world.

For Baglamukhi Mantra Diksha & Sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9540674788. Visit http://www.baglamukhi.info and http://www.yogeshwaranand.org for more information.

किसी भी देवी या देवता से सम्बन्धित हृदय-स्तोत्र देवता का हृदय ही होता है। यह स्तोत्र भगवती बगलामुखी से सम्बन्धित है। उनके हृदय में बस जाना या फिर उन्हें अपने हृदय में बसा लेना ये दोनों ही विकल्प इस पाठ का उद्देश्य हैं। उनके हृदय में निवास कर पाना तो एक स्वप्न मात्र ही है, क्योंकि इसके लिए तो परम शक्तिमान भी लालायित रहते हैं। हां, हमारी भक्ति के प्रसाद-स्वरूप यह फल अवश्य मिल सकता है कि ये विश्वाश्रय हमारे हृदय में बस जाएं और वास्तव में जीवन का यही तो लक्ष्य है; तभी तो हमारा उद्धार सम्भव है।
‘हृदय-स्तोत्र’ के द्वारा भगवती बगला की कृपा प्राप्त करने हेतु एक विशिष्ट प्रयोग है। आश्विन मास की महा-अष्टमी के दिन पीताचारी, पीताहारी होकर किसी प्राचीन शिवालय अथवा शक्तिपीठ में इस हृदय-स्तोत्र का अनुष्ठान संकल्प लेकर करें। इस प्रकार इस स्तोत्र का पाठ करने से मां पीताम्बरा की कृपा प्राप्त होती है और साधक के शत्रु पराभव को प्राप्त होते हैं। (यह अनुभूत प्रयोग है।) बगला-हृदय-स्तोत्र वास्तव में साधक के लिए ‘वांछाकल्पद्रुम’ के समान है। यूं तो इस पाठ के विषय में कुछ भी कहना सूर्य को दीपक दिखाने के समान ही होगा, तो भी सामान्यतः कुछ विशिष्टताओं को स्पष्ट करना यहां उचित प्रतीत होता है।

यथा
1. यदि मात्र बगला-हृदय-स्तोत्र का ही पाठ कर लिया जाए तो फिर साधक को जप आदि अथवा अनुष्ठान की कोई आवश्यकता नहीं रहती।
2. इस पाठ के स्मरण-मात्र से ही साधक के सभी अभीष्ट पूर्ण हो जाते हैं।
3. इस स्तोत्र का पाठ करने वाले के लिए इस पृथ्वी पर कुछ भी अप्राप्य नहीं रह जाता है।
4. इस स्तोत्र का तीनों समय पाठ करने के प्रभाव से गूंगा बोलने लगता है, पंगु चलने लगता है, दीन सर्वशक्तिमान हो जाता है; घोर दरिद्र व्यक्ति धनवान हो जाता है; चारों ओर से निन्दित व्यक्ति भी ख्याति प्राप्त कर लेता है; और मूर्खतम व्यक्ति की वाणी में ओज एवं कवित्व की शक्ति आ जाती है।
5. इस स्तोत्र के पाठ में ध्यान आदि आवश्यक नहीं है। जप, होम, तर्पण आदि की भी कोई आवश्यकता नहीं है।
6. इस स्तोत्र-पाठ के पाठी का उल्लंघन करने मात्र से स्वयं ब्रह्मा भी सकुशल नहीं रह सकते। यह स्तोत्र परम संतोष-प्रदायक एवं सिद्धियां प्रदान करने वाला है, क्योंकि यह साक्षात् मां बगला का हृदय है।

भगवती बगला के इस हृदय स्तोत्र से प्राप्त होने वाले अनेक परिणामों के विषय में मेरा सुखद अनुभव रहा है। इसलिए मैं ऐसे पाठकों/साधकों को भी इस स्तोत्र का अनुष्ठान करने का परामर्श दूंगा।

जो सब तरफ से निराश हो चुके हैं और जिनको कोई भी रास्ता स्पष्ट नहीं होता। उनसे मैं निवेदन करूंगा कि संकल्प लेकर कम से कम ग्यारह सौ स्तोत्रों का अनुष्ठान अवश्य करें।

Download Devi Baglamukhi Hridaya Stotra in Hindi & Sanskrit Pdf

View Devi Baglamukhi Hridaya Stotram on Google

Read the rest of this entry

Shri Baglamukhi Tantram Book by Sri Yogeshwaranand & Sumit Girdharwal

Shri Baglamukhi Tantram Book by Sri Yogeshwaranand & Sumit Girdharwal

baglamukhi-tantram-book

 

माँ पीताम्बरा की अनुकम्पा से ” श्री बगलामुखी तन्त्रम ” ग्रंथ का प्रकाशन संभव हुआ। आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि यह आपके जीवन में आपका मार्गदर्शन करेगा। ISBN – 9789352884773,9352884779

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें – 9540674788

Buy Baglamukhi Tantram Book Online from Astha Prakashan

Buy Baglamukhi Tantram Book Online from Ebay

Buy Baglamukhi Tantram Book Online from Amazon

Shri Baglamukhi Tantram Book By Yogeshwaranand & Sumit Girdharwal Preview

View Book on Google

Read the rest of this entry

Sri Baglamukhi Panjar Stotram बगलामुखी पञ्जर स्तोत्र

Sri Baglamukhi Panjar Stotram बगलामुखी पञ्जर स्तोत्र

यह अति गोपनीय व रहस्यपूर्ण पञ्जर स्तोत्र अति दुर्लभ तथा परीक्षित है। इस पञ्जर का जप अथवा पाठ करने वाला साधक प्रत्येक क्षेत्र में सफलता का सोपान करता है। घोर दारिद्रय व विघ्नों के नाशक इस स्तोत्र का पाठ करने वाले साधक की माँ बगला स्वयं रक्षा करती हैं। शत्रु दल साधक को मूक होकर देखते रह जाते हैं।

For mantra diksha & sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9540674788. Log on to http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org for more info

It is a very secret, mysterious and rare stotra of Devi Baglamukhi known as Panjar Stotram. It has been proved many times that it helped many people in getting success in their life. It is said that one who recite Panjar Stotra everyday Ma Baglamukhi protect him herself. This stotra is the giver of wealth, health and overall happiness in life.

Download Sri Baglamukhi Panjar Stotram Pdf

View Baglamukhi Panjar Stotram on Google Drive

Read the rest of this entry

Sri Pratyangira Sadhana Rahasya (Mantra Vidhaan Evam Prayog) Book

Sri Pratyangira Sadhana Rahasya (Mantra Vidhaan Evam Prayog) Book

माँ पीताम्बरा की अनुकम्पा से श्री प्रत्यंगिरा साधना रहस्य ग्रन्थ का प्रकाशन संभव हुआ। आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि यह आपके जीवन में आपका मार्गदर्शन करेगा।

Buy Pratyangira Sadhana Rahasya Online From Astha Prakashan Mandir

Buy Pratyangira Sadhana Rahasya Online from Ebay

Buy Pratyangira Sadhana Rahasya Online form Amazon

Preview Sri Pratyangira Sadhana Rahasya (Mantra Vidhaan Evam Prayog)

If you want to purchase this book please deposit Rs 400/=(including courier charges) in below a/c –

Astha Prakashan Mandir

Axis Bank

917020072807944 (Current Account)

IFSC Code – UTIB0001094

You can also pay via paytm – 9540674788
Send us receipt on sumitgirdharwal@yahoo.com or whatsapp on 9540674788

Read the rest of this entry

Baglamukhi Mantra Utkilan Vidhaan बगलामुखी मंत्र वृहत् उत्कीलन विधान

Baglamukhi Mantra Utkilan Vidhaan (बगलामुखी मंत्र वृहत् उत्कीलन विधान)

मंत्रों का दुरुपयोग रोकने के लिए कलियुग के प्रारम्भ में भगवान शिव ने सभी मंत्रों का कीलन (शापित) कर दिया था। तब माँ पार्वती के अनुग्रह करने पर उन्होंने मंत्रों को उत्कीलित करने का विधान भी प्रस्तुत किया ताकि सत्पात्र एवं अधिकारी साधक भी मंत्र की सिद्धि प्राप्त कर सकें। यही मंत्रोंत्कीलन-विधान मंत्र-उपासना के अंग के रूप में उत्कीलक कहे जाते हैं। इसलिए साधक को कवच आदि का पाठ करने से पूर्व उत्कीलन करना चाहिए।
For Mantra Diksha & Sadhana Guidance email us – sumitgirdharwal@yahoo.com or call us on 9410030994, 9540674788. For more information visit http://www.baglamukhi.info
Download Baglamukhi Utkeelan Utkilan Mantra Evam Keelak Stotra in Hindi

View Bagalamukhi Utkilan Mantra Vidhaan on Google

Read the rest of this entry

Chaur Ganesh Mantra चौर गणेश मंत्र

Chaur Ganesh Mantra चौर गणेश मंत्र
ganesha-mantra

तन्त्र-शास्त्र ‘वर्णविल’ के अनुसार चौर गणेश-मन्त्र का जप किए बिना कोई पूजा-कर्म नहीं करना चाहिए। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि चौर मंत्रो को जाने बिना जो पुराण भी पढ़ता है, वह साक्षात् ‘कलि’ के समान होता है। वह पापी, चोर अथवा कुत्ते की योनि में जाता है। इस मंत्र का जप किए बिना यदि पूजा या जप कर्म किया जाए तो पूजा व पूजा के तेज का स्वयं गणेश हरण कर लेते हैं।
मनुष्य-देह में कुण्डलिनी कमल के प्रत्येक द्वार के पथ में पचास गण, देवताओं के ज्योतिरूप जो मुनिगण हैं, वे जम्हाई लेते हैं तथा प्रत्येक चक्र के कमलदल में स्थित होकर जप का तेज हरण कर लेते हैं। स्मरण रखें! जप-तप आदि में एक दिव्य तेज होता है, जहां-जहां ये तेजस्वी क्रियाएं होती हैं, वहां-वहां ये चौर गण होते हैं। इसलिए इनके प्रबोधन हेतु ये मंत्र पढ़े जाते हैं।

For Astrology, Mantra Diksha & Sadhana Guidance email us to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994, 9540674788.

Download Chaur Ganesh Mantra चौर गणेश मंत्र Pdf

View Chaur Ganesh Mantra चौर गणेश मंत्र Pdf on Google

Read the rest of this entry

Vipreet Pratyangira Mantra Sadhana Evam Siddhi (श्री विपरीत प्रत्यंगिरा मंत्र साधना एवं सिद्धि )

Vipreet Pratyangira Mantra Sadhana Evam Siddhi (श्री विपरीत प्रत्यंगिरा मंत्र  साधना एवं सिद्धि )

यदि शत्रु निरंतर आप पर अभिचारिक कर्म कर रहा हो, निरंतर किसी न किसी रूप में आपको आर्थिक, मानसिक, सामाजिक, शारीरिक क्षति पहुंचा रहा हो और आपके भविष्य को चैपट कर रहा हो, तब भद्रकाली के इस स्वरूप, अर्थात विपरीत प्रत्यंगिरा का आश्रय लेना सर्वोत्तम उपाय है। जिस दिन से साधक इस महाविधा का प्रयोग आरम्भ करता है, उसी दिन से ही भगवती भद्र काली उसकी सुरक्षा करने लगती हैं और शत्रु द्वारा किये गये अभिचाारिक कर्म दोगुने वेग से उसी पर लौटकर अपना प्रहार करते हैं। इसके अतिरिक्त राजकीय बाधा, अरिष्ट ग्रह बाधा निवारण में तथा अपना खोया हुआ पद, आस्तित्व ओर गरिमा प्राप्ति में भी यह विद्या सर्वोत्तम मानी जाती है। साधक की आयु, यश तथा तेज की वृद्धि करने में भी यह विद्या बहुत उत्तम मानी जाती है।

A most powerful Mantra Sadhana to invoke Devi Pratyangira is given here. Vipreet Pratyangira Mantra Sadhna  is  used to destroy the mind of an enemy who is unnecessarily troubling and bent upon harming some innocent and helpless person. confuses the enemy by destroying  his harmful and destructive thinking and by confusing his mind. As always clarified such sadhnas should only be performed under the highly advanced practitioner (Your Guru) after mantra diksha.

For astrology, mantra diksha & sadhna guidance email to sumitgirdharwal@yahoo.comshaktisadhna@yahoo.com or call us on 9540674788, 9917325788 .

Read the rest of this entry

Baglamukhi Sarva Karya Siddhi Mantra बगलामुखी सर्वकार्य सिद्धि मंत्र

Baglamukhi Sarva Karya Siddhi Mantra बगलामुखी सर्वकार्य सिद्धि मंत्र

For astrology, mantra diksha & sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9540674788.  Read the rest of this entry

Sri Kali Pratyangira Sadhana Evam Siddhi

Sri Kali Pratyangira Sadhana Evam Siddhi

kali-pratyangira

इस विद्या का तीनों संध्याओं में पाठ करने वाला साधक समस्त बाधाओं तथा शत्रुओं से सुरक्षित रहता है। किसी भी प्रकार की कोई विपत्ति उसे व्याप्त नहीं करती। ‘अंगिरा’ ऋषि द्वारा प्रणीत यह विद्या निश्चय ही साधक की समस्त आपदाओं का नाश करने वाली एवं सभी ग्रहों की कुदृष्टि से उसे सुरक्षित बनाने वाली है।
यह विद्या उग्र है इसलिए दीक्षित साधक ही इसका पाठ करें।

 

 

For Mantra Diksha & Sadhana Guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9540674788 or 9917325788

Downloadd Sri Kali Pratyangira Sadhana Evam Siddhi in Hindi and Sanskrit Pdf

Read the rest of this entry

Baglamukhi Kavach ( बगलामुखी कवच )

Baglamukhi Kavach ( बगलामुखी कवच  )

मां बगलामुखी के प्रत्येक साधक को प्रतिदिन जाप प्रारम्भ करने से पहले इस कवच का पाठ अवश्य करना चाहिए । यदि हो सके तो सुबह दोपहर शाम तीनों समय इसका पाठ करें । यह कवच विश्वसारोद्धार तन्त्र से लिया गया है। पार्वती जी के द्वारा भगवान शिव से पूछे जाने पर भगवती बगला के कवच के विषय में प्रभु वर्णन करते हैं कि देवी बगला शत्रुओं के कुल के लिये जंगल में लगी अग्नि के समान हैं। वे साम्रज्य देने वाली और मुक्ति प्रदान करने वाली हैं।
भगवती बगलामुखी के इस कवच के विषय में बहुत कुछ कहा गया है। इस कवच के पाठ से अपुत्र को धीर, वीर और शतायुष पुत्र की प्राप्ति होति है और निर्धन को धन प्राप्त होता है। महानिशा में इस कवच का पाठ करने से सात दिन में ही असाध्य कार्य भी सिद्ध हो जाते हैं। तीन रातों को पाठ करने से ही वशीकरण सिद्ध हो जाता है। मक्खन को इस कवच से अभिमन्त्रित करके यदि बन्धया स्त्री को खिलाया जाये, तो वह पुत्रवती हो जाती है। इसके पाठ व नित्य पूजन से मनुष्य बृहस्पति के समान हो जाता है, नारी समूह में साधक कामदेव के समान व शत्रओं के लिये यम के समान हो जाता है। मां बगला के प्रसाद से उसकी वाणी गद्य-पद्यमयी हो जाती है । उसके गले से कविता लहरी का प्रवाह होने लगता है। इस कवच का पुरश्चरण एक सौ ग्यारह पाठ करने से होता है, बिना पुरश्चरण के इसका उतना फल प्राप्त नहीं होता। इस कवच को भोजपत्र पर अष्टगंध से लिखकर पुरुष को दाहिने हाथ में व स्त्री को बायें हाथ में धारण करना चाहिये

भगवती बगलामुखी की उपासना कलियुग में सभी कष्टों एवं दुखों से मुक्ति प्रदान करने वाली है। संसार में कोई कष्ट अथवा दुख ऐसा नही है जो भगवती पीताम्बरा की सेवा एवं उपासना से दूर ना हो सकता हो, बस साधकों को चाहिए कि धैर्य पूर्वक प्रतिक्षण भगवती की सेवा करते रहें।

(कृपया दीक्षित साधक ही इसका जप करें। जिनकी दीक्षा नही हुई है वो सबसे पहले दीक्षा ग्रहण करें )

Baglamukhi Kavach in Hindi

Read the rest of this entry

Baglamukhi Pratyangira Kavach बगला प्रत्यंगिरा कवच

Baglamukhi Pratyangira Kavach बगला प्रत्यंगिरा कवच

pitambara

इस कवच के पाठ से वायु भी स्थिर हो जाती है। शत्रु का विलय हो जाता है। विद्वेषण, आकर्षण, उच्चाटन, मारण तथा शत्रु का स्तम्भन भी इस कवच के पढ़ने से होता है। बगला प्रत्यंगिरा सर्व दुष्टों का नाश करने वाली, सभी दुःखो को हरने वाली, पापों का नाश करने वाली, सभी शरणागतों का हित करने वाली, भोग, मोक्ष, राज्य और सौभाग्य प्रदायिनी तथा नवग्रहों के दोषों को दूर करने वाली हैं। जो साधक इस कवच का पाठ तीनों समय अथवा एक समय भी स्थिर मन से करता है, उसके लिए यह कल्पवृक्ष के समान है और तीनों लोकों में उसके लिए कुछ भी दुर्लभ नहीं है। साधक जिसकी ओर भरपूर दृष्टि से देख ले, अथवा हाथ से किसी को छू भर दे, वही मनुष्य दासतुल्य हो जाता है।
इस कवच के पाठ से भयंकर से भयंकर तंत्र प्रयोग को भी नष्ट किया जा सकता है लेकिन इसका पाठ केवल बगलामुखी में दीक्षित साधक ही कर सकते हैं। बिना गुरू आज्ञा के इसका पाठ नही करना चाहिए।

The recitation of baglamukhi pratyangira kavacham (armor) can stall even the wind, enemies get destroyed. This kavacham can bring any attempt of the enemy to a still. This kavacham destroys all the enemies, ends all sorrows & sins, mitigates the ill-effects of the planetary positions in horoscope, protects the devotees and bestows wealth, kingdom (fame) & fortune. This kavacham is like a wish-fulfilling tree to the devotee who chants this kavacham three times a day or at least once daily with concentration, there is nothing unattainable for him. Any person, who is touched by the devotee or even glanced by him, becomes a slave to the devotee.

This amour destroys even the most invincible spells cast by enemies. But, this should be chanted only after obtaining the deeksha and initiation from a preceptor (Guru).

For Mantra Diksha & Sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994, 9540674788. For more information visit http://www.baglamukhi.info orhttp://www.yogeshwaranand.org

Baglamukhi Pratyangira Kavach in Hindi Pdf Free Download Secret and Powerful Tantra

Download Bhagwati Baglamukhi Sarva Jana Vashikaran Mantra in Hindi and English Pdf

Read the rest of this entry

Bhagwati Baglamukhi Sarva Jana Vashikaran Mantra in Hindi and English भगवती बगलामुखी सर्वजन वशीकरण मंत्र

Bhagwati Baglamukhi Sarva Jana Vashikaran Mantra in Hindi and English भगवती बगलामुखी सर्वजन वशीकरण मंत्र

maa-pitambra-aadi-shakti

For Mantra Diksha & Sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994, 9540674788. For more information visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org

मां बगलामुखी को सामान्यतः सभी लोग शत्रुओं का नाश करने वाली, उनकी गति, मति, बुद्धि का स्तम्भन करने वाली, मुकदमे एवं चुनाव आदि में विजय दिलाने वाली शक्ति के रूप में जानते हैं। लेकिन यह बात केवल कुछ ही लोग जानते हैं कि वे जगत का वशीकरण भी करने वाली हैं। यदि उनकी कृपा प्राप्त हो जाये तो साधक की ओर सभी आकर्षित होने लगते हैं, वह जंहा बोलता है, वंही उसे सुनने को जन समूह उमड़ पड़ता है। उसका दायरा बहुत व्यापक हो जाता है। कोई भी स्त्री, पुरूष, बच्चा उसके आकर्षण में ऐसा बंध जाता है कि अपनी सुध-बुध खो बैठता है और वही करने के लिए विवश हो जाता है, जो साधक चाहता है।
इस साधन को करने के लिए अति गोपनीय मंत्र का उल्लेख मैं यंहा साधकों के लिए कर रहा हॅू, लेकिन साधक सदैव स्मरण रखें कि ऐसी साधनाओं का दुष्प्रयोग कभी नहीं करना चाहिए अन्यथा साधक की साधना क्षीण होने लगती है। मंत्र का प्रयोग सदैव समाज कल्याण के लिए करना चाहिए, न कि समाज-विरोधी गतिविधियों के लिए ।
सर्वप्रथम भगवती बगलामुखी की मंत्र दीक्षा ग्रहण करें उसके पश्चात गुरू आज्ञानुसार साधना करें

Download Bhagwati Baglamukhi Sarva Jana Vashikaran Mantra in Hindi and English Pdf

Read the rest of this entry

Pushp Kinnari Sadhana Evam Mantra Siddhi पुष्प किन्नरी साधना एवं मंत्र सिद्धि

Pushp Kinnari Sadhana Evam Mantra Siddhi  पुष्प किन्नरी साधना एवं मंत्र  सिद्धि

Pushp kinnari sadhana Evam Mantra siddhi in Hindi Pdf

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

प्रत्येक व्यक्ति की आकांक्षा होती है कि उसका व्यक्तित्व आकर्षण से भरा हुआ हो; प्रत्येक व्यक्ति उसकी ओर मुड़-मुड़ कर देखे, प्रत्येक व्यक्ति उसकी ओर चुम्बक के समान खिंचा चला आए। वह चाहता है कि उसका प्रभाव ऐसा हो, जो प्रत्येक व्यक्ति को अपने आकर्षण के बंधन में बांध ले और कोई उससे मुक्त न हो सके।
यदि किसी भी व्यक्ति में ऐसा आकर्षण हो तो ऐसा हो ही नहीं सकता कि वह किसी भी क्षेत्र में असफल हो जाए। ऐसे व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। ऐसे व्यक्तित्व वाला व्यक्ति जो भी करेगा लोग उसका अनुसरण करेंगें, उसकी प्रत्येक बात पर एक विषेष ध्यान देंगें, उसकी प्रत्येक बात मानने को उत्सुक रहेंगे। ऐसा ही आकर्षण प्रदान करने वाली साधना का उल्लेख मैं यंहा कर रहा हॅॅू, जिसका नाम हेै पुष्प किन्नरी साधना ।

For mantra diksha & sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994 or 9540674788. For more information visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org

Pushp Kinnari Sadhana Evam Mantra Siddhi in Hindi

Read the rest of this entry

Ma Baglamukhi Unnisakshara Mantra (Bhakt Mandaar Mantra for Money & Wealth)

Ma Baglamukhi Unnisakshara Mantra Sadhana Vidhi (Bhakt Mandaar Mantra for Money & Wealth)

maa-pitambra-aadi-shakti

For Ma Baglamukhi Mantra Diksha & Sadhana Guidance email to sumitgirdharwal@yahoo.com, shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994/9540674788. For more information visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org

भगवती बगलामुखी की उपासना कलियुग में सभी कष्टों एवं दुखों से मुक्ति प्रदान करने वाली है। संसार में कोई कष्ट अथवा दुख ऐसा नही है जो भगवती पीताम्बरा की सेवा एवं उपासना से दूर ना हो सकता हो, बस साधकों को चाहिए कि धैर्य पूर्वक प्रतिक्षण भगवती की सेवा करते रहें।

भगवती बगलामुखी का यह भक्त मंदार मंत्र साधकों की हर मनोकामनां पूर्णं करने वाला है। इस मंत्र का विशेष प्रभाव यह है कि इसे करने वाले साधक को कभी भी धन का अभाव नही होता। भगवती की कृपा से वह सभी प्रकार की धन सम्पत्ति का स्वामी बन जाता है।  आज के युग में धन के अभाव में व्यक्ति का कोई भी कार्य पूर्ण नही होता। धन का अभाव होने पर ना ही उसका कोई मित्र होता है और ना ही समाज में उसे सम्मान प्राप्त होता है। इस मंत्र के प्रभाव से धीरे-धीरे साधक को अपने सभी कार्यो में सफलता मिलनी प्रारम्भ  हो जाती है एवं धन का आगमन होना प्रारम्भ हो जाता है।

ऐसा भी देखने में आता है कि कुछ लोग धन तो बहुत अधिक कमातें हैं लेकिन उनके पास बचता कुछ भी नही है, बिना वजह उनके धन का नाश होता है। ऐसे लोगो की जब हम कुण्डली देखते हैं तो षष्ठ(कर्ज) एवं द्वादश (व्यय) भाव शुभ ग्रहों द्वारा प्रभावित होते हैं अथवा एकादश (लाभ) भाव का स्वामी द्वादश (व्यय) भाव में अथवा द्वादश भाव के स्वामी के प्रभाव में होता है, जिस कारण वो जितना भी धन कमाते हैं उतना ही किसी ना किसी रूप में व्यय हो जाता है।

भगवती पीताम्बरा इस सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को चलाने वाली शक्ति हैं। नवग्रहों को भगवती के द्वारा ही विभिन्न कार्य सौपे गये हैं जिनका वो पालन करते हैं। नवग्रह स्वयं भगवती की सेवा में सदैव उपस्थित रहते हैं। जब साधक भगवती की उपसना करता है तो उसे नवग्रहों की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यदि साधक को उसके कर्मानुसार कहीं पर दण्ड भी मिलना होता है तो वह दण्ड भी भगवती की कृपा से न्यून हो जाता है एवं जगदम्बा अपने प्रिय भक्त को इतना साहस प्रदान करती हैं कि वह दण्ड साधक को प्रभवित नही कर पाता। इस सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में कोई भी इतना शक्तिवान नही है जो जगदम्बा कें भक्तो का एक बाल भी बांका कर सके। कहने का तात्पर्य यह है कि कारण चाहें कुछ भी हो भगवती बगलामुखी की उपासना आपको किसी भी प्रकार की समस्या से मुक्त करा सकती है।

मां की कृपा को वही जान पाया है जो उनकी शरण में गया है, इसीलिए अपने शब्दों को यही पर विराम देते हुए मां भगवती से प्रार्थना करता हूं कि आप सभी को भगवती अपनी शरण प्रदान करें एवं आपका कल्याण करे।

Download Baglamukhi Bhakt Mandaar Mantra for Wealth & Money PDF भक्त मंदार विद्या

माँ  आप बगलामुखी साधना से सम्बंधित अन्य जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो गुरुदेव श्री योगेश्वरानंद द्वारा लिखित पुस्तक बगलामुखी साधना और सिद्धि एवं षट्कर्म विधान अवश्य पढ़े।

Read the rest of this entry

Baglamukhi (Pitambara ) Ashtakshari Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi | Sarva Karya Siddhi Ma Baglamukhi Mantra

Baglamukhi (Pitambara ) Ashtakshari Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi ( Sarva Karya Siddhi Ma Baglamukhi Mantra )

Devi Pitambara Peeth Photo

।। भगवती पीताम्बरा के अष्टाक्षर मंत्र का महात्म्य ।।

भगवती बगलामुखी (पीताम्बरा ) के इस मंत्र का अनुष्ठान चतुराक्षर मंत्र के अनुष्ठान के बाद किया जाता हैा भगवती का यह मंत्र बहुत ही प्रभावशाली एवं चमत्कारी हैा इसकी महिमा को बताने के लिए अपने एक शिष्य के अनुभव को यहां लिख रहा हूं –
मेरे एक शिष्य को बहुत प्रयास करने के बाद भी कहीं कोई नौकरी नही मिल रही थी। बहुत अच्छी डिग्रियां हाने के बाद भी सभी जगह से उसे निराशा ही हाथ लग रही थी। तब मैनें उसे इस मंत्र का एक अनुष्ठान करने को कहा । उसने विधिवत अनुष्ठान शुरू किया और एक सप्ताह बाद ही उसका बहुत बड़ी कम्पनी में चयन हो गया।
यह तो बस एक छोटा सा अनुभव है। इसके अलावा ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिन्हें प्रेत बाधा, शत्रु बाधा, नौकरी, पारिवार में कलह, व्यवसाय में असफलता, विवाह, संतान ना होना, आदि समस्याओं में ऐसे परिणाम मिले हैं कि कोई साधारण मनुष्य तो विश्वास भी नही करेगा।
साधको के हितार्थ भगवती के अष्ठाक्षर मंत्र का विधान दे रहा हूं –
(कृपया दीक्षित साधक ही इसका जप करें। जिनकी दीक्षा नही हुई है वो सबसे पहले दीक्षा ग्रहण करें )

For Mantra Diksha & Sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994 or 9540674788

Download Baglamukhi Ashtakshar Mantra Sadhana in Hindi

Please Click Here to Subscribe for Monthly Magazine on Mantra Tantra Sadhana

Read the rest of this entry

Chinnamasta Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi

Chinnamasta Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi

For mantra diksha & sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994, 9540674788. For more information visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org

Chinnamasta Mantra Sadhana Evam Siddhi In Hindi Image

छिन्नमस्ता दशमहाविद्याओं में षष्ठी महाविद्या हैं। इनका दूसरा नाम ‘प्रचण्ड चण्डिका’ भी हैं। हिरण्यकश्यपु और वैरोचन का मनोरथ पूर्ण करने वाली होने से वज्रवैरोचनीया भी कहलाती हैें।
योगियों के लिए इनकी साधना सर्वश्रेष्ठ है। जो साधक कुण्डलिनी जागरण करना चाहते हैं उन्हें यह साधना गुरू मार्गदर्शन में अवश्य करनी चाहिए।

Chinnamasta Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi

Please Click Here to Subscribe for Free of Cost Monthly Magazine on Mantra Tantra Sadhana

Read the rest of this entry

Baglamukhi Chaturakshar Mantra Evam Pooja Vidhi in Hindi Pdf बगलामुखी (पीताम्बरा) चतुरक्षर मंत्र

Baglamukhi Chaturakshar Mantra Evam Pooja Vidhi in Hindi Pdf बगलामुखी (पीताम्बरा) चतुरक्षर मंत्र

भगवती बगलामुखी (पीताम्बरा) के इस मंत्र का अनुष्ठान बीज मंत्र  ( हल्रीं )  के अनुष्ठान के बाद किया जाता हैा ऐसा देखा गया है कि बीज मंत्र का अनुष्ठान तो साधक बिना किसी समस्या के कर लेते हैं, लेकिन चतुरक्षर के अनुष्ठान में उन्हें थोड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है। समस्या से यहां तात्पर्य भगवती द्वारा ली जाने वाली परीक्षा से है। इस मंत्र में कई बार ऐसी परिस्थिति पैदा हो जाती है कि आपका अनुष्ठान बीच में ही छूट जाये, जैसे कहीं अचानक बाहर जाना पड़ जाये अथवा किसी काम में इतनी अधिक व्यस्तता हो जाये कि उस दिन के निर्धारित जप करने का समय ना मिले इत्यादि, लेकिन साधको को किसी भी परिस्थिति में किसी भी दिन जप नही छोड़ना है । यदि किसी कारण वश बाहर जाना भी पड़ भी जाये तो वही पर जाकर अपना जप पूर्ण करें एवं भगवती से क्षमा प्रार्थना करें । यदि आपने यह अनुष्ठान एक बार पूर्ण कर लिया तो भगवती की कृपा को प्राप्त करने से आपको कोई नही रोक सकता । भगवती पर विश्वास रखें एवं नियमित रूप से अपना जप करते रहें, आपको सफलता अवश्य मिलेगी ।

For astrology, mantra diksha & sadhna guidance email to sumitgirdharwal@yahoo.com, shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9917325788 (Shri Yogeshwaranand Ji). For more information visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org

Read the rest of this entry

Baglamukhi Pitambara Ashtottar Shatnam Stotram in Hindi and Sanskrit with Audio Mp3

Baglamukhi Pitambara Ashtottar Shatnam Stotram in Hindi and Sanskrit with Audio Mp3

For astrology, mantra diksha & sadhna guidance email to sumitgirdharwal@yahoo.com, shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994 or 9540674788 (Sumit Girdharwal Ji). For more information visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org

भगवती पीताम्बरा के भक्तों को प्रतिदिन मंत्र जप करने के पश्चात मां के अष्टोत्तर-शतनाम का पाठ करना चाहिए । इसके पाठ से भगवती की विशेष कृपा प्राप्त होती हैा जिन साधको ने भगवती पीताम्बरा की दीक्षा अभी तक प्राप्त नही की है वो सर्वप्रथम गुरू मुख से दीक्षा लें एवं उसी के पश्चात पाठ करें।

साधना को आरम्भ करने से पूर्व एक साधक को चाहिए कि वह मां भगवती  की उपासना अथवा अन्य किसी भी देवी या देवता की उपासना निष्काम भाव से करे। उपासना का तात्पर्य सेवा से होता है। उपासना के तीन भेद कहे गये हैं:- कायिक अर्थात् शरीर से , वाचिक अर्थात् वाणी से और मानसिक- अर्थात् मन से।  जब हम कायिक का अनुशरण करते हैं तो उसमें पाद्य, अर्घ्य, स्नान, धूप, दीप, नैवेद्य आदि पंचोपचार पूजन अपने देवी देवता का किया जाता है। जब हम वाचिक का प्रयोग करते हैं तो अपने देवी देवता से सम्बन्धित स्तोत्र पाठ आदि किया जाता है अर्थात् अपने मुंह से उसकी कीर्ति का बखान करते हैं। और जब मानसिक क्रिया का अनुसरण करते हैं तो सम्बन्धित देवता का ध्यान और जप आदि किया जाता है।
जो साधक अपने इष्ट देवता का निष्काम भाव से अर्चन करता है और लगातार उसके मंत्र का जप करता हुआ उसी का चिन्तन करता रहता है, तो उसके जितने भी सांसारिक कार्य हैं उन सबका भार मां स्वयं ही उठाती हैं और अन्ततः मोक्ष भी प्रदान करती हैं। यदि आप उनसे पुत्रवत् प्रेम करते हैं तो वे मां के रूप में वात्सल्यमयी होकर आपकी प्रत्येक कामना को उसी प्रकार पूर्ण करती हैं जिस प्रकार एक गाय अपने बछड़े के मोह में कुछ भी करने को तत्पर हो जाती है। अतः सभी साधकों को मेरा निर्देष भी है और उनको परामर्ष भी कि वे साधना चाहे जो भी करें, निष्काम भाव से करें। निष्काम भाव वाले साधक को कभी भी महाभय नहीं सताता। ऐसे साधक के समस्त सांसारिक और पारलौकिक समस्त कार्य स्वयं ही सिद्ध होने लगते हैं उसकी कोई भी किसी भी प्रकार की अभिलाषा अपूर्ण नहीं रहती ।
मेरे पास ऐसे बहुत से लोगों के फोन और मेल आते हैं जो एक क्षण में ही अपने दुखों, कष्टों का त्राण करने के लिए साधना सम्पन्न करना चाहते हैं। उनका उद्देष्य देवता या देवी की उपासना नहीं, उनकी प्रसन्नता नहीं बल्कि उनका एक मात्र उद्देष्य अपनी समस्या से विमुक्त होना होता है। वे लोग नहीं जानते कि जो कष्ट वे उठा रहे हैं, वे अपने पूर्व जन्मों में किये गये पापों के फलस्वरूप उठा रहे हैं। वे लोग अपनी कुण्डली में स्थित ग्रहों को देाष देते हैं, जो कि बिल्कुल गलत परम्परा है। भगवान शिव ने सभी ग्रहों को यह अधिकार दिया है कि वे जातक को इस जीवन में ऐसा निखार दें कि उसके साथ पूर्वजन्मों का कोई भी दोष न रह जाए। इसका लाभ यह होगा कि यदि जातक के साथ कर्मबन्धन शेष नहीं है तो उसे मोक्ष की प्राप्ति हो जाएगी। लेकिन हम इस दण्ड को दण्ड न मानकर ग्रहों का दोष मानते हैं।

Download Baglamukhi Pitambara Ashtottar Shatnam Stotram Pdf in Hindi and Sanskrit

Read the rest of this entry

Very Powerful Hanuman Mantra Sadhna and Maruti Kavach

Very Powerful Hanuman Mantra Sadhna and Maruti Kavach ( हनुमान मंत्र साधना एवं मारुती कवच )

भगवान शिव के ग्यारहवे रुद्रावतार हनुमानजी कलियुग के जाग्रत देवता हैं जो शीघ्र ही अपने भक्तों पर कृपा करते हैं, लेकिन बस आवश्यकता है सही विधि से उनकी साधना करने की ।
हनुमान जी ने जिस प्रकार श्री राम जी के समस्त कार्योे को सम्पन्न किया था उसी प्रकार वो अपने भक्तों के सभी कार्यो को सम्पन्न करते हैं। हनुमान उपासना से साधक समस्त विघ्न व्याधियों पर विजय प्राप्त कर सकता है। हनुमान जी को नवग्रहों ने वरदान दिया था कि वो उनके भक्तों को कभी भी परेशान नही करेगें इसीलिए शनि-राहु आदि ग्रहों की महादशा में इनकी साधना से बहुत अधिक लाभ मिलता है। शनि देव के गुरू भगवान शिव हैं एवं हनुमान जी भगवान शिव के अवतार, इसीलिए शनिदेव शिव भक्तों एवं हनुमान भक्तों पर विशेष कृपा करते हैं।
प्रस्तुत हनुमत् मंत्र बहुत ही प्रभावशाली है जिसेे श्रीकृष्ण ने महाभारत काल में अर्जुन को प्रदान किया था। इसी मंत्र के प्रभाव से अर्जुन ने अजेय योद्धाओं पर विजय प्राप्त की थी। इस मंत्र के प्रभाव से साधक जन किसी भी प्रकार की तंत्रबाधा, रोग, शत्रुबाधा, नजर, कोर्ट-कचहरी एवं अन्य संकटों से मुक्ति प्राप्त कर सकता है।

हनुमान मंत्र साधना एवं सिद्धि  ( हनुमान सिद्ध मंत्र )

हनुमान जी का यह मंत्र सिद्ध है एवं तुरंत फल देने वाला है।  ॐ नमो भगवते हनुमते महारुद्रात्मकाय हुम् फट् स्वाहा

For astrology, mantra diksha & sadhna guidance email to sumitgirdharwal@yahoo.com, shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9917325788 (Shri Yogeshwaranand Ji).

Read the rest of this entry

Param Devi Sukta of Ma TripuraSundari ( Mantras and Stotras for Money and Wealth)

Param Devi Sukta of Ma TripuraSundari ( Mantras and Stotras for Money and Wealth)

For astrology, mantra diksha & sadhna guidance email to sumitgirdharwal@yahoo.com, shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9917325788 (Shri Yogeshwaranand Ji). For more information visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org

भगवती महात्रिपुर सुन्दरी का यह स्तोत्र अत्यन्त ही गोपनीय एवं प्रमाणित है, लेकिन यह गुरू-गम्य है। अर्थात् गुरू-मुख से प्राप्त करने के उपरान्त ही यह फलदायी होता है। यदि इस सूक्त का पाठ निरंतर तीन सालों तक किया जाये तो निश्चित रूप से साधक को भगवती त्रिपुर सुंदरी का साक्षात्कार होता है। इस स्तोत्र का नित्य पाठ करने वाला साधक समस्त सिद्धियों का स्वामी, सर्वत्र विजय प्राप्त करने वाला एवं संसार को वश में करने वाला हो जाता है। धन एवं सभी ऐश्वर्य उसके दास हो जाते हैं। उसकी जिह्वा पर साक्षात मां सरस्वती का निवास हो जाता है। उपरोक्त समस्त इच्छाएं रखने वाले साधक को चाहिए कि वह श्री गुरू-चरणों में बैठकर इस स्तोत्र को प्रयत्नपूर्वक प्राप्त करे । जो साधक श्री विद्या में दीक्षित नही हैं वो सर्वप्रथम श्री विद्या की दीक्षा अपने गुरूदेव से प्राप्त करें ।

श्री विद्या ललिता त्रिपुर सुन्दरी धन, ऐश्वर्य, भोग एवं मोक्ष की अधिष्ठाता देवी हैं। अन्य विद्याओं की उपासना मंत या तो भोग मिलता है या फिर मोक्ष, लेकिन श्री विद्या का उपासक जीवन पर्यन्त सारे ऐश्वर्य भोगते हुए अन्त में मोक्ष को प्राप्त करता है। इनकी उपासना तंत्र शास्त्रों में अति रहस्यमय एवं गुप्त रूप से प्रकट की गयी है। पूर्व जन्म के विशेष संस्कारों के बलवान होने पर ही इस विद्या की दीक्षा का योग बनता है। ऐसे बहुत ही कम लोग होते हैं जिन्हे इस जीवन में यह उपासना करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। मुख्य रूप से इनके तीन स्वरूपों की पूजा होती है। प्रथम आठ वर्षीया स्वरूप बाला त्रिपुरसुन्दरी, द्वितीय सोलह वर्षीया स्वरूप षोडशी, तृतीय युवा अवस्था स्वरूप ललिता त्रिपुरसुन्दरी। श्री विद्या साधना में क्रम दीक्षा का विधान है एवं सर्वप्रथम बाला सुन्दरी के मंत्र की दीक्षा साधको को दी जाती है। यदि आप ये साधना करना चाहते हैं तो हमसे सम्पर्क कर सकते है।
हमारे शास्त्रों में करोड़ो मंत्र हैं लेकिन हर मंत्र आपके लिए सही नही है। शिष्य के लिए कौन सा मंत्र सही है इसका निर्णय केवल गुरू ही कर सकता है। इसलिए आप केवल अपने आप को गुरू को समर्पित कर दीजिए, इसके बाद गुरू स्वयं आपको सही राह दिखायेगा।

Read the rest of this entry

Pashupatastra Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi & Sanskrit पाशुपतास्त्र मंत्र साधना एवं सिद्धि

Pashupatastra Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi & Sanskrit  ( पाशुपतास्त्र मंत्र साधना एवं सिद्धि )

For astrology, mantra diksha & sadhna guidance email to sumitgirdharwal@yahoo.com, shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994 or 9540674788.

Lord Shiva & Shakti ( Ardhanarishwar form)

शिव का एक भीषण शूलास्त्र जिसे अर्जुन ने तपस्या करके प्राप्त किया था।  महाभारतका युद्ध हुआ, उसमें भगवान्‌ शंकरका दिया हुआ पाशुपतास्त्र अर्जुनके पास था, भगवान्‌ शंकरने कह दिया कि तुम्हें चलाना नहीं पड़ेगा । यह तुम्हारे पास पड़ा-पड़ा विजय कर देगा, चलानेकी जरूरत नहीं, चला दोगे तो संसारमें प्रलय हो जायगा । इसलिये चलाना नहीं ।

इस पाशुपत स्तोत्र का मात्र एक बार जप करने पर ही मनुष्य समस्त विघ्नों का नाश कर सकता है । सौ बार जप करने पर समस्त उत्पातो को नष्ट कर सकता है तथा युद्ध आदि में विजय प्राप्त कर सकता है । इस मंत्र का घी और गुग्गल से हवं करने से मनुष्य असाध्य कार्यो को पूर्ण कर सकता है । इस पाशुपातास्त्र मंत्र के पाठ मात्र से समस्त क्लेशो की शांति हो जाती है ।

यह अत्यन्त प्रभावशाली व शीघ्र फलदायी प्रयोग है। यदि मनुष्य इस स्तोत्र का पाठ गुरू के निर्देशानुसार संपादित करे तो  अवश्य फायदा मिलेगा। शनिदेव शिव भक्त भी हैं और शिव के शिष्य भी हैं। शनि के गुरु शिव होने के कारण इस अमोघ प्रयोग का प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। यदि किसी साधारण व्यक्ति के भी गुरु की कोई आवभगत करें तो वह कितना प्रसन्न होता है। फिर शनिदेव अपने गुरु की उपासना से क्यों नहीं प्रसन्न होंगे। इस स्तोत्र के पाठ से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और शिव की प्रसन्नता से शनिदेव खुश होकर संबंधित व्यक्ति को अनुकूल फल प्रदान करते हैं। साथ ही एक विशेषता यह भी परिलक्षित होती है कि संबंधित व्यक्ति में ऐसी क्षमता आ जाती है कि वह शनिदेव के द्वारा प्राप्त दण्ड भी बड़ी सरलता से स्वीकार कर लेता है। साथ ही वह अपने जीवन में ऐसा कोई अशुभ कर्म भी नहीं करता जिससे उस पर शनिदेव भविष्य में भी नाराज हों।

यह किसी भी कार्य के लिए अमोघ राम बाण है। अन्य सारी बाधाओं को दूर करने के साथ ही युवक-युवतियों के लिए यह अकाटय प्रयोग माना ही नहीं जाता अपितु इसका अनेक अनुभूत प्रयोग किया जा चुका है। जिस वर या कन्या के विवाह में विलंब होता है, यदि इस पाशुपत-स्तोत्र का प्रयोग करें तो निश्चित रूप से शीघ्र ही उन्हें दाम्पत्य सुख का लाभ मिलता है। केवल इतना ही नहीं, अन्य सांसारिक कष्टों को दूर करने के लिए भी पाठ या जप, हवन, तर्पण, मार्जन आदि करने से अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है।

For Astrology, Mantra Diksha & Sadhna Guidance email to sumitgirdharwal@yahoo.com or call us on 9410030994, 9540674788. For information visit http://www.baglamukhi.net or http://www.yogeshwaranand.org

Download Pashupatastra Mantra Sadhana Evam Siddhi  Pdf in Hindi & Sanskrit

Please Click Here to Subscribe for Monthly Magazine on Mantra Tantra Sadhana

Read the rest of this entry

Sarva Karya Siddhi Saundarya Lahri Mantra Prayoga समस्त कार्यों की सिद्धि हेतु सौन्दर्यलहरी के कुछ विशिष्ट प्रयोग

Sarva Karya Siddhi Saundarya Lahri Mantra Prayoga  ( समस्त कार्यों की सिद्धि हेतु सौन्दर्यलहरी के कुछ विशिष्ट प्रयोग )

For astrology, mantra diksha & sadhna guidance email to sumitgirdharwal@yahoo.com, shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9917325788 (Shri Yogeshwaranand Ji). For more information visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org

आदिगुरू भगवत्पाद शंकराचार्य ने सौन्दर्य लहरी नामक ग्रन्थ में मां त्रिपुरसुन्दरी के स्वरूप का बहुत ही सुन्दर वर्णन किया है। उनके अनिवर्चनीय स्वरूप का वर्णन करने के लिए ही उन्होंने सौन्दर्य लहरी ग्रन्थ की रचना की जिसमें उन्होंने बहुत ही सुन्दर ढंग से मां की स्तुति की है। वास्तव में इसके दो खण्ड हैं…..आनन्द लहरी और सौन्दर्य लहरी। इन दोनों को एकत्र करके ही सौन्दर्य लहरी का नाम दिया गया है। इसमें प्रस्तुत स्तुति बहुत ही प्रभावी और रहस्यों से परिपूर्ण है। इससे कई साधनांए एवं ऐसे प्रयोग सिद्ध होते हैं, जो मानव जीवन के लिए अत्यन्त ही महत्वपूर्ण हैं।

भगवती त्रिपुर सुन्दरी की इस स्तुति से साधकों को अत्यन्त ही सुख, शांति एवं परम ज्ञान की प्राप्ति होती है। उस परम शक्ति के प्रकाश से सम्पूर्ण जगत प्रकाशमान है। यन्त्र, मन्त्र एवं तन्त्र के माध्यम से हम उनकी उपासना बाह्य रूप में करते हैं।

यंहा भी मैं कुछ ऐसे प्रयोग दे रहा हूँ जिनमें मन्त्र एवं यन्त्र का प्रयोग किया गया है। इन दोनों के माध्यम से हम अपने जीवन की बहुत सी समस्याओं का समाधान भगवती की कृपा से कर सकते हैं। यन्त्रों की उत्पत्ति भगवान शिव के ताण्डव नृत्य से मानी जाती है। मन्त्रों के साथ यन्त्रों का प्रयोग आदि काल से होता रहा है। अतः साधक दोनों का प्रयोग करें।

नोट – केवल श्री विद्या में दीक्षित साधक ही यह प्रयोग करें अथवा सर्वप्रथम श्री विद्या की दीक्षा प्राप्त करें।

Read the rest of this entry

Shri Lalita Tripura Sundari Khadgamala Stotram in Sanskrit & Hindi श्री विद्या ललिता खड्गमाला स्तोत्र

Shri Lalita Tripura Sundari Khadgamala Stotram in Sanskrit & Hindi श्री विद्या ललिता खड्गमाला स्तोत्र
For astrology, mantra diksha & sadhna guidance email to sumitgirdharwal@yahoo.com, shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9540674788 (Sumit Girdharwal Ji) or 9917325788 (Shri Yogeshwaranand Ji). For more information visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org
किसी भी देवता की खड्गमाला अत्यन्त प्रभावशाली होती है। हमारे बहुत से काम ऐसे होते हैं, जिन्हें सामान्य तरीके अथवा पूजा से पूर्ण नहीं किया जा सकता है। यदि हम ये चाहते हैं कि हमारे षट्कर्म जैसे – मारण, मोहन, वशीकरण आदि सिद्ध हों तो हमें खड्गमाला का प्रयोग करना चाहिए। इस माला मन्त्र का कम से कम 1108 पाठ करें, आपका कार्य सिद्ध होगा। जो साधक श्री विद्या में दीक्षित हैं केवल वही इसका प्रयोग करें अथवा सर्वप्रथम अपने गुरूदेव से श्री विद्या की दीक्षा ग्रहण करें।
Download Shri Lalita Tripura Sundari khadgamala Stotram in Sanskrit & Hindi Pdf

Please Click Here to Subscribe for Monthly Magazine on Mantra Tantra Sadhana

Read the rest of this entry

Vipreet Pratyangira Mantra Sadhna Evam Siddhi & Puja Vidhi

Vipreet Pratyangira Mantra Sadhna Evam Siddhi & Puja Vidhi   ( श्री विपरीत प्रत्यंगिरा मंत्र  साधना एवं सिद्धि )

 

pratyangira-mantra-sadhna-evam-siddhi

For astrology, mantra diksha & sadhna guidance email to sumitgirdharwal@yahoo.com, shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994 or 9540674788.

Download Vipreet Pratyangira Mantra Sadhna Evam Siddhi & Puja Vidhi in Hindi Pdf

Please Click Here to Subscribe for Monthly Magazine on Mantra Tantra Sadhana

Vipreet Pratyangira Mantra Benefits in Hindi

यदि शत्रु निरंतर आप पर अभिचारिक कर्म कर रहा हो, निरंतर किसी न किसी रूप में आपको आर्थिक, मानसिक, सामाजिक, शारीरिक क्षति पहुंचा रहा हो और आपके भविष्य को चैपट कर रहा हो, तब भद्रकाली के इस स्वरूप, अर्थात विपरीत प्रत्यंगिरा का आश्रय लेना सर्वोत्तम उपाय है। जिस दिन से साधक इस महाविधा का प्रयोग आरम्भ करता है, उसी दिन से ही भगवती भद्र काली उसकी सुरक्षा करने लगती हैं और शत्रु द्वारा किये गये अभिचाारिक कर्म दोगुने वेग से उसी पर लौटकर अपना प्रहार करते हैं। इसके अतिरिक्त राजकीय बाधा, अरिष्ट ग्रह बाधा निवारण में तथा अपना खोया हुआ पद, आस्तित्व ओर गरिमा प्राप्ति में भी यह विद्या सर्वोत्तम मानी जाती है। साधक की आयु, यश तथा तेज की वृद्धि करने में भी यह विद्या बहुत उत्तम मानी जाती है।

Vipreet Pratyangira Mantra Benefits in English

A most powerful Mantra Sadhana to invoke Devi Pratyangira is given here. Vipreet Pratyangira Mantra Sadhna  is  used to destroy the mind of an enemy who is unnecessarily troubling and bent upon harming some innocent and helpless person. confuses the enemy by destroying  his harmful and destructive thinking and by confusing his mind. As always clarified such sadhnas should only be performed under the highly advanced practitioner (Your Guru) after mantra diksha.

Download Vipreet Pratyangira Mantra Sadhna Evam Siddhi & Puja Vidhi in Hindi Pdf

Read the rest of this entry

शिवरात्रि पूजा विधि How to do Pooja on Shivratri  9 August 2018

शिवरात्रि पूजा विधि How to do Pooja on Shivratri  9 August 2018

सबसे पहले आप सभी को शिवरात्रि की बहुत बहुत शुभकामनाएं। हमारी महाकाल से यही प्रार्थना है कि आप सभी सपरिवार सदैव प्रसन्न रहें और और आपके सभी कष्ट इस पवित्र शिवरात्रि पर दूर हो जाएँ।

अधिक जानकारी के लिए हमें संपर्क करें –

9540674788 (Sumit Girdharwal Ji) or 9917325788 (Shri Yogeshwaranand Ji)

lord shiva

आज के समय व्यस्तता के कारण किसी के पास अधिक समय नहीं है और न ही बहुत ही अधिक विधि विधान से पूजा करने का तरीका पता है। ऐसे लोगो के लिए ही हम यहाँ भगवान् शिव की पूजा की सरल विधि प्रस्तुत कर रहें हैं –

१- शिवलिंग पर एक लोटा जल चढ़ाएँ। जो थोड़ा अधिक कर सकतें हैं वो लोटे में सबसे पहले थोड़ा गंगा जल, उसके बाद साधारण जल , थोड़ा शहद , थोड़ा कच्चा दूध मिला लें और फिर ॐ नमः शिवाय बोलते हुए शिवलिंग पर चढ़ा दें। साथ में यदि हो सके तो कुछ बेल पत्र भी चढ़ाएँ। जो लोग और अधिक करना चाहते है वो १०८ लोटों से शिवलिंग को स्नान कराएं।

२ – जो लोग मंदिर नहीं जा सकते है वो लोग घर पर ही भगवान् शिव के सामने दीपक जलाएं यथा संभव ॐ नमः शिवाय का जप करें।

३ – सभी को यथा संभव पुरे दिन ॐ नमः शिवाय का मानसिक रूप से जप करना चाहिए।

४ – जिनके पास समय है उन्हें रुद्राभिषेक करना चाहिए। जो स्वयं नहीं कर सकते उन्हें किसी वेद पाठी ब्राह्मण से रुद्राभिषेक कराना चाहिए।

५- जो लोग स्वयं रुद्राभिषेक करना चाहते हैं उनके लिए नीचे यूटयूब वीडियो दी गयी है। जो लोग पाठ नहीं कर सकते वो इसको सुनकर लाभ ले सकते है। पढ़ने के लिए पीडीऍफ़ भी दी गयी है हिंदी इंग्लिश एवं संस्कृत में।

Download Shiva Pooja Vidhi with All Mantras

Read the rest of this entry

Advertisements

Guru Purnima Puja Vidhi in Hindi 27th July 2018 गुरूपूर्णिमा पूजन विधि

Guru Purnima Puja Vidhi in Hindi 27th July 2018  गुरूपूर्णिमा पूजन विधि

guru-shishya
For Mantra Diksha & Sadhana Guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9917325788 or 9540674788.

27th July 2018 को चंद्र ग्रहण होने के कारण पूजन सही समय पर कर लेना जरूरी है। ग्रहण का सूतक 27 जुलाई को दोपहर 2.54 बजे से शुरू हो जाएगा। इसलिए गुरु पूर्णिमा की पूजा सूतक प्रारम्भ होने से पहले ही कर लेना शुभ रहेगा।  चंद्र ग्रहण में मंत्र साधना कैसे करें 

ईश्वर उपासना में सर्वप्रथम गुरू पूजन किया जाता है। परमात्मा का साक्षात्कार तो इतना सरल नही है लेकिन वही परमात्मा इस संसार में साकार रूप में आपकी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप में सहायता करता है। गुरूदेव के मार्गदर्शन से ही साधक ईश्वर को प्राप्त करता है। बिना गुरू के ईश्वर को पाना इतना सरल नही है। यदि ईश्वर को पाना इतना सरल हो जाये तो ईश्वर का महत्व ही इस संसार से समाप्त हो जायेगा। यदि ईश्वर की अनुभूति शीघ्र हो जाये तो साधक को इस बात का अंहकार हो जाता है एवं उसकी आध्यात्मिक प्रगति रूक जाती है, इसीलिए ईश्वर ही स्वप्न व ध्यान में संकेत द्वारा गुरू रूप में दर्शन देकर मार्ग प्रदर्शन करता है। इष्ट ही गुुरू रूप में दर्शन देता है। गुरू ईश्वर की महिमा का वर्णन करता है एवं इष्ट ही गुरू रूप में दर्शन देकर गुरू की महिमा बढ़ाता है।
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा कहते हैं। भारत भर में यह पर्व बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन गुरुपूजा का विधान है।
वैसे तो दुनिया में कई विद्वान हुए हैं परंतु चारों वेदों के प्रथम व्याख्या कर्ता व्यास ऋषि थे, जिनकी आज के दिन पूजा की जाती है। हमें वेदों का ज्ञान देने वाले व्यासजी ही हैं। अतः वे हमारे आदिगुरु हुए, इसीलिए गुरुपूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।
उनकी स्मृति को ताजा रखने के लिए हमें अपने-अपने गुरुओं को व्यासजी का अंश मानकर उनकी पूजा करके उन्हें कुछ न कुछ दक्षिणा देते हैं। हमें यह याद रखना चाहिए कि महात्माओं का श्राप भी मोक्ष की प्राप्ति कराता है। यदि राजा परीक्षित को ऋषि का श्राप नहीं होता तो उनकी संसार के प्रति जो आसक्ति थी वह दूर नहीं होती। आसक्ति होने के कारण उन्हें वैराग्य नहीं होता और वैराग्य के बिना श्रीमद्भागवत के श्रवण का अधिकार प्राप्त नहीं होता। साधु के श्राप से ही उन्हें भगवान नारायण, शुकदेव के दर्शन और उनके द्वारा देव दुर्लभ श्रीमद्भागवत का श्रवण प्राप्त हुआ।
इसके मूल में ही साधु का श्राप था। जब साधु का श्राप इतना मंगलकारी है तो साधु की कृपा न जाने क्या फल देने वाली होती होगी। अतः हमें गुरूपूर्णिमा के दिन अपने गुरु का स्मरण अवश्य करना चाहिए।

गुरू पूजन विधि
यदि इस दिन अपने गुरू देव के दर्शन प्राप्त हो जाये तो इससे अधिक प्रसन्नता का विषय तो हो नही सकता, लेकिन किसी कारण वश यदि गुरू देव का साक्षात्कार इस दिन ना हो सके तो उनका पूजन अवश्य करना चाहिए।
सर्वप्रथम आसन पर बैठ जायें एवं आचमन करें। उसके पश्चात अपने गुरूदेव का ध्यान करें एवं उनकी फोटो के आगे दीपक जलायें, यदि फोटो ना हो तो भगवान शिव के आगे भी ऐसा कर सकते हैं। उसके पश्चात उनके आगे कुछ प्रसाद रखें एवं पीले पुुष्पों की माला उनका भेंट करें। सामर्थ्यानुसार  उनके लिए कुछ दक्षिणा एवं कपडे़ रखने चाहिए जिन्हे बाद मेें मिलने पर उन्हें भेंट करें।
इसके पश्चात गुरू मंत्र का अधिक से अधिक संख्या में जप करना चाहिए।

मंत्र – ओम् परमतत्वाय योगेश्वराय गुरूभ्यो नमः

इसके पश्चात अपने इष्ट का जप करें एवं वह जप अपने गरूदेव को समर्पित करें।
इस दिन अपने गुरू देव के सर्व मंगल की एवं उनके शतायु होने की प्रार्थना परमात्मा से अवश्य करनी चाहिए।
आप सभी पर परमात्मा एवं गुरूजनों की सदैव अनुकम्पा बनी रहे, इसी प्रार्थना के साथ अपने शब्दों  को विराम देते हैं।

Download Guru Purnima Puja Vidhi in Hindi Pdf 2018

Read the rest of this entry

Lunar Eclipse (Chandra Grahan) 27th July 2018 चंद्रग्रहण

Lunar Eclipse (Chandra Grahan) 27th July 2018 चंद्रग्रहण

27 जुलाई को साल 2018 का दूसरा चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) पड़ रहा है,  यह ग्रहण रात 11.54 से शुरू होकर अगले दिन 28 जुलाई सुबह 3.49 तक रहेगा

For astrology, mantra diksha & sadhna guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9917325788 (Shri Yogeshwaranand Ji) & 9540674788 (Sumit Girdharwal).

ग्रहण काल में क्या न करें :
1. ग्रहण के समय ईश्वर की मूर्ति अथवा यन्त्र को हाथ ना लगाएं एवं इस दौरान मंत्र जप करते हुए दीपक अथवा धुप भी ना जलाएं।
2. ग्रहण काल में भोजन नहीं करना चाहिए।
3. कोई भी नया कार्य प्रारम्भ नहीं करें।
4. ग्रहण काल में सोना नहीं चाहिए एवं मल – मूत्र का विसर्जन नहीं करना चाहिए। (बच्चे, बुजुर्गों एवं रोगीओं के लिए अनिवार्य नहीं है लेकिन फिर भी जितना नियम संभव हो पालन करना चाहिए )
5. पति पत्नी को शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाने चाहिए।
6. किसी भी पाप कर्म से बचना चाहिए क्योंकि ग्रहण में किये गए पाप का भी कई गुना फल प्राप्त होता है।
7. गर्भवती महिलाओं को घर में ही रहना चाहिए क्योंकि ग्रहण का गर्भ में पल रहे बच्चे पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

ग्रहण काल में क्या करें :

  1. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सामान्य दिनों से ग्रहण काल में किया गया पुण्यकर्म (जप, ध्यान, दान आदि) कईं लाख गुना फलदायक होता है, इसीलिए ग्रहण काल में अधिक से अधिक पुण्य कर्म करने चाहिए।
  2.  ग्रहण काल से पहले ही खाने के सभी पदार्थों जैसे दूध, दही, पकी हुई सब्जी में तुलसी पत्र डाल देना चाहिए। ऐसा न करने पर वो भोजन खाने योग्य नहीं रह जाता है।
  3. ग्रहण काल में अपने गुरु एवं इष्ट देवता का मंत्र जप अवश्य करना चाहिए। इससे साधक को गुरु एवं देवता की विशेष कृपा प्राप्त होती है एवं मानसिक शक्ति बढ़ती है ।
  4. ग्रहण काल में मंत्र जप करने से मंत्र सिद्धि मिलती है एवं मंत्र जाग्रत हो जाते हैं।
  5. किसी साधना में यदि आपको बार बार असफलता मिल रही है तो उस साधना को ग्रहण काल में अवश्य करें।
  6. ग्रहण समाप्त हो जाने के पश्चात स्वयं स्नान करके देवी देवता को ( मूर्ति अथवा यन्त्र ) को गंगा जल से स्नान करना चाहिए एवं भोग लगाना चाहिए।
  7. ग्रहण काल समाप्त होने के पश्चात दान करना चाहिए।
  8. जो लोग घर पर न हो अथवा यात्रा कर रहे हो वो मानसिक रूप से जप करें ।

ग्रहण काल में किस मंत्र का जप करें ( चंद्र ग्रहण में कैसे पूजा करें )

ग्रहण काल में अपने गुरु एवं इष्ट देवता का मंत्र जप अवश्य करना चाहिए। जिसका कोई गुरु नहीं है अथवा कोई इष्ट नहीं है तो वो भगवान् शिव के पंचाक्षरी मंत्र – ” नमः शिवाय ” का अथवा भगवान् विष्णु के मंत्र – ” ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ” का जप कर सकते हैं।

कुछ अन्य विशिष्ट मंत्र हम यहाँ साधकों के हितार्थ यहाँ प्रस्तुत कर रहे हैं। अपनी श्रद्धानुसार आप इनका जप भी कर सकते हैं।

गणपति मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः

लक्ष्मी मंत्र

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नम:

दुर्गा मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥ ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा॥

हनुमान मंत्र
ॐ नमो भगवते हनुमते महा रुद्रात्मकाय हुं फट् स्वाहा

महाकाली मंत्र 

क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा

बगलामुखी मंत्र
ॐ आं ह्ल्रीं क्रों हुं फट् स्वाहा

बाला सुंदरी मंत्र
ऐं क्लीं सौः

कामाख्या मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कामाख्यै स्वाहा

गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्

ग्रहण के समय आप शाबर मंत्रो का जप भी कर सकते हैं। 

Read the rest of this entry

Ashadha Gupta Navratri 13 July 2018 ( आषाढ़ मास गुप्त नवरात्री 2018 )

Ashadha Gupta Navratri July 2018 ( आषाढ़ मास गुप्त नवरात्री 2018  )

13 जुलाई से आषाढ़ गुप्त नवरात्री प्रारम्भ हो रही है। गुप्त नवरात्री में पूजा सामान्य नवरात्री के सामान ही होती है, लेकिन इस समय का उपयोग आप विशिष्ट साधनाओं को संपन्न करने में एवं अपने जीवन को उच्च कोटि पर ले जाने के लिए कर सकते हैं। गुप्त नवरात्री में विशेष रूप से दस महाविद्याओं की उपासना की जाती है। भारत सदैव से ही अपनी आध्यात्मकि शक्तियों के कारण विश्व गुरु रहा है लेकिन आज की पीढ़ी विरासत में मिले इस ज्ञान का मोल नहीं समझ रही है और शायद यही कारण है की आज सभी सुख सुविधाएँ होने के पश्चात भी मनुष्य सुखी नहीं है। वास्तविक सुख ध्यान,योग एवं ईश्वरोपासना से ही प्राप्त किया जा सकता है ये जितना जल्दी हम समझेंगे उतना ही हमारे हित में होगा।

13 जुलाई को आंशिक सूर्य ग्रहण भी घटित हो रहा है लेकिन भारत में इसका प्रभाव न के बराबर है।  इसके पश्चात भी यदि कोई व्यक्ति जप , पूजन अथवा अनुष्ठान करता है तो उसका विशेष फल उसे प्राप्त होगा। यह जप आप शाम 6 बजे के बाद करें।

13 जुलाई 2018 (शुक्रवार) – प्रतिपदा, घट स्थापना, शैलपुत्री पूजा
14 जुलाई 2018 (शनिवार) – द्वितीया, ब्रह्मचारिणी पूजा
15 जुलाई  2018 (रविवार) – तृतीया, चंद्रघंटा पूजा
16 जुलाई 2018 (सोमवार) – चतुर्थी, कुष्मांडा पूजा
17 जुलाई 2018 (मंगलवार)– पंचमी, स्कंदमाता पूजा
18 जुलाई 2018 (बुधवार) – षष्टी, कात्यायनी पूजा
19 जुलाई 2018 (गुरुवार) – सप्तमी, कालरात्रि पूजा
20 जुलाई 2018 (शुक्रवार) – महागौरी पूजा, दुर्गा महा अष्टमी पूजा
21जुलाई 2018 (शनिवार)– नवमी नवरात्रि

If you need any guidance please call us on 9540674788 (Sumit Girdharwal Ji) or 9410030994 (Shri Yogeshwaranand Ji). Email us at shaktisadhna@yahoo.com

Download Gupt Navratri Puja Kamakhya Sadhana Vidhi in Hindi

Read the rest of this entry