Mantra Siddhi Rahasya मंत्र सिद्धि रहस्य

Mantra Siddhi Rahasya मंत्र सिद्धि रहस्य

For Mantra Diksha & Sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994. For more information visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org

Download Mantra Ssiddhi Rahasya by Sri Yogeshwaranand Ji & Sumit Girdharwal Ji

You can buy our books from Ebay. Links given below –

Read the rest of this entry

Pitra Paksha 2016 पितृ पक्ष ( Pitra Gayatri Mantra in Sanskrit )

Pitra Paksha 2016 पितृ पक्ष ( Pitra Gayatri Mantra in Sanskrit )

पितृ पक्ष में पितृ गायत्री मंत्र की कम से कम 11 माला का जप प्रतिदिन सूर्योदय के समय करना चाहिए।  साथ में यदि हो सके तो विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी प्रतिदिन करना चाहिए।  जिन लोगो की कुंडली में पितृ दोष है उन्हें पितृ गायत्री का अनुष्ठान करना अथवा कराना चाहिए।  अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे : +91-9410030994 और ईमेल करे sumitgirdharwal@yahoo.com

Pitra Paksha Date – 16 September 2016 – 1 October 2016

Download Vishnu Sahasranamam Pdf

Download Pitra Dosha Nivaran Mantra Vidhi in Hindi Pdf

pitra-gayatri-mantra

Pitra Dosha Nivaran Pitra Gayatri mantra

 

पित्र दोष निवारण के उपाय

  • पितृ गायत्री का अनुष्ठान करना अथवा कराना चाहिए।
  • पीपल के वृक्ष पर दोपहर में जल, पुष्प, अक्षत, दूध, गंगाजल, काले तिल चढ़ाएं और स्वर्गीय परिजनों का स्मरण कर उनसे आशीर्वाद मांगें।
  • यदि आपके पूर्वजों ने आपके पितरो के लिए कोई स्थान बनाया है तो होली एवं दीपावली पर उस स्थान पर जाकर पूजा करनी चाहिए।

Read the rest of this entry

Shatkarma Vidhaan षट्कर्म विधान

Shatkarma Vidhaan षट्कर्म विधान

New Book Written By Sri Yogeshwaranand Ji & Sumit Girdharwal Ji

Buy Shatkarma Vidhaan Book from Ebay 

Preview of the Book

It is a preview of the book shatkarm vidhan. If you want to buy this book please deposit Rs 280+100 (courier)= Rs 380/= in below a/c –
Sumit Girdharwal
Axis Bank 912020029471298 (Current A/C) IFSC Code – UTIB0001094 And send the receipt to our email sumitgirdharwal@yahoo.com

गणपति प्रयोग , हनुमत प्रयोग , बगलामुखी प्रयोग , धनदा यक्षिणी प्रयोग , प्रत्यंगिरा प्रयोग,  शीघ्र विवाह हेतु अघोरी प्रयोग, सौर्न्दर्य लहरी के तांत्रिक प्रयोग , दुर्गा तंत्र प्रयोग

Read the rest of this entry

Baglamukhi Pratyangira Kavach बगला प्रत्यंगिरा कवच

Baglamukhi Pratyangira Kavach बगला प्रत्यंगिरा कवच

pitambara

इस कवच के पाठ से वायु भी स्थिर हो जाती है। शत्रु का विलय हो जाता है। विद्वेषण, आकर्षण, उच्चाटन, मारण तथा शत्रु का स्तम्भन भी इस कवच के पढ़ने से होता है। बगला प्रत्यंगिरा सर्व दुष्टों का नाश करने वाली, सभी दुःखो को हरने वाली, पापों का नाश करने वाली, सभी शरणागतों का हित करने वाली, भोग, मोक्ष, राज्य और सौभाग्य प्रदायिनी तथा नवग्रहों के दोषों को दूर करने वाली हैं। जो साधक इस कवच का पाठ तीनों समय अथवा एक समय भी स्थिर मन से करता है, उसके लिए यह कल्पवृक्ष के समान है और तीनों लोकों में उसके लिए कुछ भी दुर्लभ नहीं है। साधक जिसकी ओर भरपूर दृष्टि से देख ले, अथवा हाथ से किसी को छू भर दे, वही मनुष्य दासतुल्य हो जाता है।
इस कवच के पाठ से भयंकर से भयंकर तंत्र प्रयोग को भी नष्ट किया जा सकता है लेकिन इसका पाठ केवल बगलामुखी में दीक्षित साधक ही कर सकते हैं। बिना गुरू आज्ञा के इसका पाठ नही करना चाहिए।

 

The recitation of baglamukhi pratyangira kavacham (armor) can stall even the wind, enemies get destroyed. This kavacham can bring any attempt of the enemy to a still. This kavacham destroys all the enemies, ends all sorrows & sins, mitigates the ill-effects of the planetary positions in horoscope, protects the devotees and bestows wealth, kingdom (fame) & fortune. This kavacham is like a wish-fulfilling tree to the devotee who chants this kavacham three times a day or at least once daily with concentration, there is nothing unattainable for him. Any person, who is touched by the devotee or even glanced by him, becomes a slave to the devotee.

This amour destroys even the most invincible spells cast by enemies. But, this should be chanted only after obtaining the deeksha and initiation from a preceptor (Guru).

For Mantra Diksha & Sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994, 9540674788. For more information visit http://www.baglamukhi.info orhttp://www.yogeshwaranand.org

Baglamukhi Pratyangira Kavach in Hindi Pdf Free Download Secret and Powerful Tantra

Download Bhagwati Baglamukhi Sarva Jana Vashikaran Mantra in Hindi and English Pdf

Read the rest of this entry

Bhagwati Baglamukhi Sarva Jana Vashikaran Mantra in Hindi and English भगवती बगलामुखी सर्वजन वशीकरण मंत्र

Bhagwati Baglamukhi Sarva Jana Vashikaran Mantra in Hindi and English भगवती बगलामुखी सर्वजन वशीकरण मंत्र

maa-pitambra-aadi-shakti

For Mantra Diksha & Sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994, 9540674788. For more information visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org

मां बगलामुखी को सामान्यतः सभी लोग शत्रुओं का नाश करने वाली, उनकी गति, मति, बुद्धि का स्तम्भन करने वाली, मुकदमे एवं चुनाव आदि में विजय दिलाने वाली शक्ति के रूप में जानते हैं। लेकिन यह बात केवल कुछ ही लोग जानते हैं कि वे जगत का वशीकरण भी करने वाली हैं। यदि उनकी कृपा प्राप्त हो जाये तो साधक की ओर सभी आकर्षित होने लगते हैं, वह जंहा बोलता है, वंही उसे सुनने को जन समूह उमड़ पड़ता है। उसका दायरा बहुत व्यापक हो जाता है। कोई भी स्त्री, पुरूष, बच्चा उसके आकर्षण में ऐसा बंध जाता है कि अपनी सुध-बुध खो बैठता है और वही करने के लिए विवश हो जाता है, जो साधक चाहता है।
इस साधन को करने के लिए अति गोपनीय मंत्र का उल्लेख मैं यंहा साधकों के लिए कर रहा हॅू, लेकिन साधक सदैव स्मरण रखें कि ऐसी साधनाओं का दुष्प्रयोग कभी नहीं करना चाहिए अन्यथा साधक की साधना क्षीण होने लगती है। मंत्र का प्रयोग सदैव समाज कल्याण के लिए करना चाहिए, न कि समाज-विरोधी गतिविधियों के लिए ।
सर्वप्रथम भगवती बगलामुखी की मंत्र दीक्षा ग्रहण करें उसके पश्चात गुरू आज्ञानुसार साधना करें

Download Bhagwati Baglamukhi Sarva Jana Vashikaran Mantra in Hindi and English Pdf

Read the rest of this entry

Pushp Kinnari Sadhana Evam Mantra Siddhi पुष्प किन्नरी साधना एवं मंत्र सिद्धि

Pushp Kinnari Sadhana Evam Mantra Siddhi  पुष्प किन्नरी साधना एवं मंत्र  सिद्धि

Pushp kinnari sadhana Evam Mantra siddhi in Hindi Pdf

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

प्रत्येक व्यक्ति की आकांक्षा होती है कि उसका व्यक्तित्व आकर्षण से भरा हुआ हो; प्रत्येक व्यक्ति उसकी ओर मुड़-मुड़ कर देखे, प्रत्येक व्यक्ति उसकी ओर चुम्बक के समान खिंचा चला आए। वह चाहता है कि उसका प्रभाव ऐसा हो, जो प्रत्येक व्यक्ति को अपने आकर्षण के बंधन में बांध ले और कोई उससे मुक्त न हो सके।
यदि किसी भी व्यक्ति में ऐसा आकर्षण हो तो ऐसा हो ही नहीं सकता कि वह किसी भी क्षेत्र में असफल हो जाए। ऐसे व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। ऐसे व्यक्तित्व वाला व्यक्ति जो भी करेगा लोग उसका अनुसरण करेंगें, उसकी प्रत्येक बात पर एक विषेष ध्यान देंगें, उसकी प्रत्येक बात मानने को उत्सुक रहेंगे। ऐसा ही आकर्षण प्रदान करने वाली साधना का उल्लेख मैं यंहा कर रहा हॅॅू, जिसका नाम हेै पुष्प किन्नरी साधना ।

For mantra diksha & sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994 or 9540674788. For more information visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org

Pushp Kinnari Sadhana Evam Mantra Siddhi in Hindi

Read the rest of this entry

Ma Baglamukhi Unnisakshara Mantra (Bhakt Mandaar Mantra for Money & Wealth)

Ma Baglamukhi Unnisakshara Mantra Sadhana Vidhi (Bhakt Mandaar Mantra for Money & Wealth)

maa-pitambra-aadi-shakti

For Ma Baglamukhi Mantra Diksha & Sadhana Guidance email to sumitgirdharwal@yahoo.com, shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994/9540674788. For more information visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org

भगवती बगलामुखी की उपासना कलियुग में सभी कष्टों एवं दुखों से मुक्ति प्रदान करने वाली है। संसार में कोई कष्ट अथवा दुख ऐसा नही है जो भगवती पीताम्बरा की सेवा एवं उपासना से दूर ना हो सकता हो, बस साधकों को चाहिए कि धैर्य पूर्वक प्रतिक्षण भगवती की सेवा करते रहें।

भगवती बगलामुखी का यह भक्त मंदार मंत्र साधकों की हर मनोकामनां पूर्णं करने वाला है। इस मंत्र का विशेष प्रभाव यह है कि इसे करने वाले साधक को कभी भी धन का अभाव नही होता। भगवती की कृपा से वह सभी प्रकार की धन सम्पत्ति का स्वामी बन जाता है।  आज के युग में धन के अभाव में व्यक्ति का कोई भी कार्य पूर्ण नही होता। धन का अभाव होने पर ना ही उसका कोई मित्र होता है और ना ही समाज में उसे सम्मान प्राप्त होता है। इस मंत्र के प्रभाव से धीरे-धीरे साधक को अपने सभी कार्यो में सफलता मिलनी प्रारम्भ  हो जाती है एवं धन का आगमन होना प्रारम्भ हो जाता है।

ऐसा भी देखने में आता है कि कुछ लोग धन तो बहुत अधिक कमातें हैं लेकिन उनके पास बचता कुछ भी नही है, बिना वजह उनके धन का नाश होता है। ऐसे लोगो की जब हम कुण्डली देखते हैं तो षष्ठ(कर्ज) एवं द्वादश (व्यय) भाव शुभ ग्रहों द्वारा प्रभावित होते हैं अथवा एकादश (लाभ) भाव का स्वामी द्वादश (व्यय) भाव में अथवा द्वादश भाव के स्वामी के प्रभाव में होता है, जिस कारण वो जितना भी धन कमाते हैं उतना ही किसी ना किसी रूप में व्यय हो जाता है।

भगवती पीताम्बरा इस सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को चलाने वाली शक्ति हैं। नवग्रहों को भगवती के द्वारा ही विभिन्न कार्य सौपे गये हैं जिनका वो पालन करते हैं। नवग्रह स्वयं भगवती की सेवा में सदैव उपस्थित रहते हैं। जब साधक भगवती की उपसना करता है तो उसे नवग्रहों की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यदि साधक को उसके कर्मानुसार कहीं पर दण्ड भी मिलना होता है तो वह दण्ड भी भगवती की कृपा से न्यून हो जाता है एवं जगदम्बा अपने प्रिय भक्त को इतना साहस प्रदान करती हैं कि वह दण्ड साधक को प्रभवित नही कर पाता। इस सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में कोई भी इतना शक्तिवान नही है जो जगदम्बा कें भक्तो का एक बाल भी बांका कर सके। कहने का तात्पर्य यह है कि कारण चाहें कुछ भी हो भगवती बगलामुखी की उपासना आपको किसी भी प्रकार की समस्या से मुक्त करा सकती है।

मां की कृपा को वही जान पाया है जो उनकी शरण में गया है, इसीलिए अपने शब्दों को यही पर विराम देते हुए मां भगवती से प्रार्थना करता हूं कि आप सभी को भगवती अपनी शरण प्रदान करें एवं आपका कल्याण करे।

Download Baglamukhi Bhakt Mandaar Mantra for Wealth & Money Read the rest of this entry

Chinnamasta Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi

Chinnamasta Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi

For mantra diksha & sadhana guidance email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994, 9540674788. For more information visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org

Chinnamasta Mantra Sadhana Evam Siddhi In Hindi Image

छिन्नमस्ता दशमहाविद्याओं में षष्ठी महाविद्या हैं। इनका दूसरा नाम ‘प्रचण्ड चण्डिका’ भी हैं। हिरण्यकश्यपु और वैरोचन का मनोरथ पूर्ण करने वाली होने से वज्रवैरोचनीया भी कहलाती हैें।
योगियों के लिए इनकी साधना सर्वश्रेष्ठ है। जो साधक कुण्डलिनी जागरण करना चाहते हैं उन्हें यह साधना गुरू मार्गदर्शन में अवश्य करनी चाहिए।

Chinnamasta Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi

Please Click Here to Subscribe for Free of Cost Monthly Magazine on Mantra Tantra Sadhana

Read the rest of this entry

Vipreet Pratyangira Mantra Sadhna Evam Siddhi & Puja Vidhi

Vipreet Pratyangira Mantra Sadhna Evam Siddhi & Puja Vidhi   ( श्री विपरीत प्रत्यंगिरा मंत्र  साधना एवं सिद्धि )

Pratyangira Mantra Sadhna Evam Siddhi

 

For astrology, mantra diksha & sadhna guidance email to sumitgirdharwal@yahoo.com, shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994 or 9540674788 (Sumit Girdharwal Ji). For more information visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org

Download Vipreet Pratyangira Mantra Sadhna Evam Siddhi & Puja Vidhi in Hindi Pdf

Please Click Here to Subscribe for Monthly Magazine on Mantra Tantra Sadhana

Vipreet Pratyangira Mantra Benefits in Hindi

यदि शत्रु निरंतर आप पर अभिचारिक कर्म कर रहा हो, निरंतर किसी न किसी रूप में आपको आर्थिक, मानसिक, सामाजिक, शारीरिक क्षति पहुंचा रहा हो और आपके भविष्य को चैपट कर रहा हो, तब भद्रकाली के इस स्वरूप, अर्थात विपरीत प्रत्यंगिरा का आश्रय लेना सर्वोत्तम उपाय है। जिस दिन से साधक इस महाविधा का प्रयोग आरम्भ करता है, उसी दिन से ही भगवती भद्र काली उसकी सुरक्षा करने लगती हैं और शत्रु द्वारा किये गये अभिचाारिक कर्म दोगुने वेग से उसी पर लौटकर अपना प्रहार करते हैं। इसके अतिरिक्त राजकीय बाधा, अरिष्ट ग्रह बाधा निवारण में तथा अपना खोया हुआ पद, आस्तित्व ओर गरिमा प्राप्ति में भी यह विद्या सर्वोत्तम मानी जाती है। साधक की आयु, यश तथा तेज की वृद्धि करने में भी यह विद्या बहुत उत्तम मानी जाती है।

Vipreet Pratyangira Mantra Benefits in English

A most powerful Mantra Sadhana to invoke Devi Pratyangira is given here. Vipreet Pratyangira Mantra Sadhna  is  used to destroy the mind of an enemy who is unnecessarily troubling and bent upon harming some innocent and helpless person. confuses the enemy by destroying  his harmful and destructive thinking and by confusing his mind. As always clarified such sadhnas should only be performed under the highly advanced practitioner (Your Guru) after mantra diksha.

Download Vipreet Pratyangira Mantra Sadhna Evam Siddhi & Puja Vidhi in Hindi Pdf

Read the rest of this entry

Ganesh Chaturthi ( गणेश चतुर्थी ) 5th September 2016

आप सभी को गणेश चतुर्थी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं । हमारी गणपति जी  से यही प्रार्थना है कि आप सभी सपरिवार सदैव प्रसन्न रहें और और आपके सभी कष्ट  दूर हो जाएँ।

 

ganesh chaturthi

आज से 10 दिवसीय गणपित उत्सव की शुरुआत हो रही है। गणेश चतुर्थी के मौके पर भगवान गणपति की प्रतिमा को घर लाकर हम पूजा की शुरुआत करते हैं। आज के दिन भगवान गणेश की प्रतिमा को घर लाना सबसे पवित्र समझा जाता है। जब आप बप्‍पा की मूर्ति को घर लाएं, उससे पहले इन चीजों को तैयार रखें। अगरबत्‍ती और धूप, आरती थाली, सुपारी, पान के पत्‍ते और मूर्ति पर डालने के लिए कपड़ा, चंदन के लिए अलग से कपड़ा और चंदन।
गणपति मूर्ति की पूजा करने के लिए सबसे पहले एक आरती की थाली में अगरबत्‍ती-धूप को जलाएं। इसके बाद पान के पत्‍ते और सुपारी को भी इसमें रखें। इस दौरान मंत्र ‘ ऊं गं गणपतये नम:’ का जाप करें। यदि कोई पुजारी इसे अंजाम दे रहे हों तो दक्षिणा भी अर्पित करें। जो श्रद्धालु गणेश जी की मूर्ति को चतुर्थी से पहले अपने घर ला रहे हैं, उन्‍हें मूर्ति को एक कपड़े से ढककर लाना चाहिए और पूजा के दिन मूर्ति स्‍थापना के समय ही इसे हटाना चाहिए। घर में मूर्ति के प्रवेश से पहले इस पर अक्षत जरूर डालना चाहिए। स्‍थापना के समय भी अक्षत को आसन के निकट डालना चाहिए। साथ ही, वहां सुपारी, हल्‍दी, कुमकुम और दक्षिणा भी वहां रखना चाहिए।
पूजा के लिए जरूरी सामग्री – गणपति की मूर्ति को घर में स्‍थापित करने के समय सभी विधि विधान के अलावा जिन सामग्री की जरूरत होती है, वो इस प्रकार हैं। जैसे लाल फूल, दूर्वा, मोदक, नारियल, लाल चंदन, धूप और अगरबत्‍ती।

आज के दिन लाल रंग के वस्त्र पहनना अति शुभ होता है। गणपति का पूजन शुद्ध आसन पर बैठकर अपना मुख पूर्व अथवा उत्तर दिशा की तरफ करके करें।

पंचामृत से श्री गणेश को स्नान कराएं तत्पश्चात केसरिया चंदन, अक्षत, दूर्वा अर्पित कर कपूर जलाकर उनकी पूजा और आरती करें। उनको मोदक के लड्डू अर्पित करें। उन्हें रक्तवर्ण के पुष्प विशेष प्रिय हैं। श्री गणेश जी का श्री स्वरूप ईशाण कोण में स्थापित करें और उनका श्री मुख पश्चिम की ओर रहे।

संध्या के समय गणेश चतुर्थी की कथा, गणेश पुराण, गणेश चालीसा, गणेश स्तुति, श्रीगणेश सहस्रनामावली, गणेश जी की आरती, संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें। अंत में गणेश मंत्र ‘ ऊं गणेशाय नम:’ अथवा ‘ऊं गं गणपतये नम: का अपनी श्रद्धा के अनुसार जाप करें।

आज के दिन किया जाने वाला विशेष काम – भगवान गणेश अपने भक्तों के समस्त विघ्नों को दूर करने के लिए विघ्नों के मार्ग में विकट स्वरूप धारण करके खड़े हो जाते हैं। अपने घर, दुकान, फैक्टरी आदि के मुख्य द्वार के ऊपर तथा ठीक उसकी पीठ पर अंदर की ओर गणेश जी का स्वरूप अथवा चि‍‍त्रपट जरूर लगाएं। ऐसा करने से गणेश जी कभी भी आपके घर, दुकान अथवा फैक्टरी की दहलीज पार नहीं करेंगे तथा सदैव सुख-समृद्धि बनी रहेगी। कोई भी नकारात्मक शक्ति घर में प्रवेश नहीं कर पाएगी।

अपने दोनों हाथ जोड़कर स्थापना स्थल के समीप बैठकर किसी धर्म ग्रंथ का पाठ रोजाना करेंगे तो शुभ फल मिलेगा। सच्‍चे मन और शुद्ध भाव से गणपति की पूजा करने से बुद्धि, स्‍वास्‍थ्‍य और संपत्ति मिलती है।

For Astrology, Mantra Diksha & Sadhana guidance call us on 9410030994 or  email us at sumitgirdharwal@yahoo.com

Listen Ganpati Sahasranamavali

जो लोग माँ बगलामुखी साधक हैं वो लोग हरिद्रा गणपति की दीक्षा लेकर हरिद्रा गणपति का अनुष्ठान प्रारंभ कर सकते हैं।

Download Haridra Ganapati Sadhana Vidhi

Shatkarma Vidhaan New Book षट्कर्म विधान

Shatkarma Vidhaan षट्कर्म विधान

New Book Written By Sri Yogeshwaranand Ji & Sumit Girdharwal Ji. This the best book on tantra which  provides in depth knowledge of Mantras Tantras & Yantras. It provides most powerful mantras of different fields.

Buy Shatkarma Vidhaan Book from Ebay

Ganapati Prayoga  ( गणपति प्रयोग )
Hanumat Prayoga ( हनुमत प्रयोग )
Baglamukhi Prayoga ( बगलामुखी प्रयोग )
Dhanada Yakshini Prayoga ( धनदा यक्षिणी प्रयोग )
Pratyangira Prayoga ( प्रत्यंगिरा प्रयोग )
Aghori Prayoga ( अघोरी प्रयोग )
Saundarya Lehri Ke Tantrik Prayoga  (  सौर्न्दर्य लहरी के तांत्रिक प्रयोग )
Durga Tantra Prayoga ( दुर्गा तंत्र प्रयोग )
Pitambara Panchastra Prayoga
Dhumavati Tantra Prayoga
Kaalratri Prayoga
Bhairav Prayoga
Navarna Mantra Prayoga
Shanti, Vashikaran (Mohan & Akarshan) , Stambhan, Uchattan, Vidweshan, Maran hetu mishra prayoga
Vishwavasu Gandharvaraaj Prayoga

Call us on 9410030994 to know more about it.

Preview of the Book

https://docs.google.com/document/d/1exCwn4k7LkPKYW1oYgnGyS3rSRgZiKBIKetXdX82IFk

Like Us on Facebook

It is a preview of the book shatkarm vidhan. If you want to buy this book please deposit Rs 280+100 (courier)= Rs 380/= in below a/c –
Sumit Girdharwal
Axis Bank 912020029471298 (Current A/C) IFSC Code – UTIB0001094 And send the receipt to our email sumitgirdharwal@yahoo.com

Shatkarmas are mentioned below  
Shanti,  Vashikaran (Mohan & Akarshan) Stambhan,  Uchattan, Vidweshan, Maran
 

Read the rest of this entry

आप सभी को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें krishna janmashtami 2016

आप सभी को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें।  वेदान्त के परम ब्रह्म ही साकार रूप में भगवान श्रीकृष्ण हैं| उनका जन्म निरंतर हमारे ह्रदय में हो, हम निरंतर उनके चैतन्य में रहें, उनकी ज्योति हमारी ज्योति हो, और उनके व हमारे मध्य कोई भेद ना हो|

Free-download-krishna-janmashtami-wallpaper-1024x557

 

“न तत्र सूर्यो भाति न चन्द्र तारकं,
नेमा विद्युतो भान्ति कुतोSयमग्निः,
तमेव भान्तमनुभाति सर्वं,
तस्य भासा सर्वमिदं विभाति |”

श्री कृष्णजन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण का जनमोत्स्व है। योगेश्वर कृष्ण के भगवद गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं। जन्माष्टमी भारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी इसे पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं। श्रीकृष्ण ने अपना अवतार भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि को अत्याचारी कंस का विनाश करने के लिए मथुरा में लिया। चूंकि भगवान स्वयं इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे अत: इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाते हैं।

श्रीकृष्ण-जन्माष्टमी की रात्रि को मोहरात्रि कहा गया है। इस रात में योगेश्वर श्रीकृष्ण का ध्यान, नाम अथवा मंत्र जपते हुए जगने से संसार की मोह-माया से आसक्तिहटती है। जन्माष्टमी का व्रत व्रतराज है। इसके सविधि पालन से आज आप अनेक व्रतों से प्राप्त होने वाली महान पुण्यराशिप्राप्त कर लेंगे।

sri krishna maha mantra

 

Download Shri Vishnu Sahasranamam In Hindi And Sanskrit

Santan Gopal Mantra Vidhi in Hindi and Sanskrit

Download other Articles on Mantra Sadhana

Shatkarm Vidhan Upcoming Book

For astrology, mantra diksha & sadhana guidance email us at sumitgirdharwal@yahoo.com or call us on 9410030994. Visit http://www.baglamukhi.info or http://www.yogeshwaranand.org

 

 

प्रबल कामना और अभ्यास ही सफलता और चमत्कार की कुंजी है।

प्रबल कामना और अभ्यास ही सफलता और चमत्कार की कुंजी है।
बहुत से लोग संदेह में ही अपनी सफलता को नष्ट कर लेते हैं। जरा सी कठिनाई हुई नहीं कि असमंजस में पड़ जाते हैं। प्रकृति से भी कुछ नहीं सीखते। यहाँ एक व्यवस्था कायम है। आप जैसी कामना करेंगे और उस पर अभ्यास करेंगे, वह सब कुछ आपको प्राप्त होगा। प्रकृति के शब्दकोश में असंभव शब्द नहीं है।
आध्यात्मिक रूप से कहा जाए, तो इस प्रकृति के प्रत्येक इकाई में परमात्मा का ही अंश विद्यमान है। भले ही वह स्थानीय धाराओं और अपने ऊर्जा चक्रों में बंधा हुआ है, पर वह परमात्मा है। वह लगातार गहन कामना करता रहे और अपने शरीर को कामना के अनुसार अभ्यासित करता रहे ; तो वह अपनी कामना के अनुरूप ही अतिरिक्त शक्तियों को प्राप्त कर सकता है। सर्कस में , रेस में, पर्वतारोहण में सर्वत्र इसे फलित होते देखनेवाला मनुष्य यह नहीं देखता कि किसीने चाहा कि दुनिया को रौशन कर दे, उसने कर दिया। किसी ने चाहा कि वह हवा में उड़े, उसने सबको उड़ने का मार्ग बता दिया। साधनाएं चाहे बाहरी आविष्कारों की हो, या शरीर की ऊर्जा को प्रयुक्त करने की नियम सबकी प्राप्ति के लिए एक ही हैं। प्रबल कामना , अभ्यास और जिद्द । प्रो. राम मूर्ती इतने दुर्बल थे कि हाईस्कूल तक सभी उनका मजाक उड़ाते थे और यह व्यक्ति अपनी छाती पर हाथियों को पास करवाने लगा। किशोर कुमार ने कहीं संगीत की शिक्षा नहीं ली थी। एक व्यक्ति में नेचर था कि जैसे ही कुछ शरीर के नजदीक आता, वह सिहर जाता था।किशोरवस्था में ही उसके शरीर में बिजली बनने लगी।

जब मैं सनातन धर्म के इन नियमों का परिक्षण कर रहा था, मुझे जानकारियों के लिए बहुत परिश्रम करना पड़ता था। हर चीज स्वयं परीक्षित और अनुभव करनी पड़ती थी, पर आज जब मैं डिस्कवरी जैसे चैनलों को देखता हूँ; तो पाता हूँ कि प्रत्येक जीव ने अपनी-अपनी अलग-अलग क्षमताएं विकसित कर ली है। कुछ हवा से पानी में उतर गये और उसके अनुसार ढल गये। जिसको जहाँ जैसा खतरा हुआ, वैसा ही रूप रंग शरीर विकसित हो गया , जिसको जहाँ जैसे औजार कीई जरूरत हुई , वह उसके शरीर में ही विकसित हो गये। यहाँ तक कि जीन्स तक परिवर्तित हो गये, अंग परिवर्तित हो गये।
इन्हें अलग-अलग मत देखिये। इनमें इन नियमों की समानता देखिये, जिसने जैसी कामना की, जैसा अभ्यास  किया , वह वैसा ही हो गया। योग का एक आधार सूत्र है कि ध्यान योग में डूबकर जैसी कामना करोगे, वैसे ही हो जाओगे। तन्त्र भी यही कहता है और समस्त आध्यात्मिक जगत इसी सूत्र पर खड़ा है। जैसी भावना होगी, वैसे ही कर्म होंगे , वैसा ही अगला-पिछ्ला जन्म होगा।
एक बहुत बड़ी अज्ञानता है यह सोचना कि यह केवल आध्यात्म के सूत्र हैं। यह जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की प्राप्ति के लिए सफलता के सूत्र हैं। यह प्रकृति परमात्मा की कामना से उत्पन्न हुई है और यह वचनबद्ध है (नियमबद्ध है) कि अपने अंदर की प्रत्येक इकाई की कामना की पूर्ती करे। इसके प्रत्येक क्षेत्र में व्याप्त ऊर्जा में घूर्णन बल अधिक है, इसलिए परिवर्तन की गति संघर्ष युक्त होने के कारण तुंरत फल अनुभूत नहीं होता, पर यदि भावनात्मक गहनता अधिक हो, तो यह शीघ्र ही अनुभूत होने लगता है

If you want to learn sadhana and want to take mantra diksha then please call us on 9410030994 or email us sumitgirdharwal@yahoo.com For more information visit http://www.baglamukhi.info

Upcoming Book Shatkarm Vidhan

All the articles on Mantra Tantra Sadhana

1. Baglamukhi Puja Vidhi in English (Ma Baglamukhi Pujan Vidhi)

2. Dus Mahavidya Tara Mantra Sadhana Evam Siddhi

3. Baglamukhi Pitambara secret mantras by Shri Yogeshwaranand Ji

4. Bagalamukhi Beej Mantra Sadhana Vidhi

5. Baglamukhi Pratyangira Kavach

6. Durga Shabar Mantra

7. Orignal Baglamukhi Chalisa from pitambara peeth datia

8. Baglamukhi kavach in Hindi and English

9. Baglamukhi Yantra Puja

10. Download Baglamukhi Chaturakshari Mantra and Puja Vidhi in Hindi Pdf

11. Dusmahavidya Dhuamavai (Dhoomavati) Mantra Sadhna Vidhi 

12. Mahashodha Nyasa from Baglamukhi Rahasyam Pitambara peeth datia

13. Mahamritunjaya Mantra Sadhana Vidhi in Hindi and Sanskrit

14. Very Rare and Powerful Mantra Tantra by Shri Yogeshwaranand Ji

15. Mahavidya Baglamukhi Sadhana aur Siddhi

16. Baglamukhi Bhakt Mandaar Mantra 

17. Baglamukhi Sahasranamam

18. Dusmahavidya Mahakali Sadhana

19. Shri Balasundari Triyakshari Mantra Sadhana

20. Sri Vidya Sadhana

21. Click Here to Download Sarabeswara Kavacham

22. Click Here to Download Sharabh Tantra Prayoga

23. Click Here to Download Swarnakarshan Bhairav Mantra Sadhana Vidhi By Gurudev Shri Yogeshwaranand Ji

34. Download Mahakali Mantra Tantra Sadhna Evam Siddhi in Hindi Pdf

35. Download Twenty Eight Divine Names of Lord Vishnu in Hindi Pdf

36. Download Shri Hanuman Vadvanal Stotra in Hindi Sanskrit and English Pdf

37. Download Shri Narasimha Gayatri Mantra Sadhna Evam Siddhi in Hindi Pdf

38. Download Santan Gopal Mantra Vidhi in Hindi and Sanskrit  Pdf

39. Download Shabar Mantra Sadhana Vidhi in Hindi Pdf

40. Download sarva karya siddhi hanuman mantra in hindi

41. Download Baglamukhi Hridaya Mantra in Hindi Pdf

42. Download Baglamukhi Mantra Avam Sadhna Vidhi in Hindi

43. Download Shiva Shadakshari Mantra Sadhna Evam Siddhi ( Upasana Vidhi)

44. Download Vipreet Pratyangira Mantra Sadhna Evam Siddhi & Puja Vidhi in Hindi Pdf

45. Download Aghorastra Mantra Sadhna Vidhi in Hindi & Sanskrit  Pdf

46. Download Shri Lalita Tripura Sundari khadgamala Stotram in Sanskrit & Hindi Pdf

47. Download Sarva Karya Siddhi Saundarya Lahri Prayoga in Hindi Pdf

48. Download Pashupatastra Mantra Sadhana Evam Siddhi  Pdf in Hindi & Sanskrit

49. Download Param Devi Sukt of Ma Tripursundari Mantra to attract Money & Wealth

50. Download Very Powerful Hanuman Mantra Sadhna and Maruti Kavach in Hindi Pdf

51. Download Baglamukhi Pitambara Ashtottar Shatnam Stotram

52. Download Magha Gupta Navaratri 2015 Puja Vidhi and Panchanga

53. Download Baglamukhi Chaturakshari Mantra and Puja Vidhi in Hindi Pdf

54. Chinnamasta Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi

55. Download Baglamukhi Ashtakshar Mantra Sadhana in Hindi

56. Download Baglamukhi Bhakt Mandaar Mantra for Wealth & Money

57. Download Shiv Sadhana Vidhi on Shivratri 12 August 2015 Shiv Puja Vidhi in Hindi Pdf

58. Pushp Kinnari Sadhana Evam Mantra Siddhi in Hindi

59. Download Bhagwati Baglamukhi Sarva Jana Vashikaran Mantra in Hindi and English Pdf

श्रावण शिवरात्रि पूजा विधि How to do Pooja on Shivratri 1 August 2016

श्रावण शिवरात्रि पूजा विधि How to do Pooja on Shivratri  1 August 2016

सबसे पहले आप सभी को श्रावण मॉस शिवरात्रि की बहुत बहुत शुभकामनाएं। हमारी महाकाल से यही प्रार्थना है कि आप सभी सपरिवार सदैव प्रसन्न रहें और और आपके सभी कष्ट इस पवित्र शिवरात्रि पर दूर हो जाएँ।

अधिक जानकारी के लिए हमें संपर्क करें –

9410030994 (Sumit Girdharwal Ji) or 9917325788 (Shri Yogeshwaranand Ji)

lord shiva

आज के समय व्यस्तता के कारण किसी के पास अधिक समय नहीं है और न ही बहुत ही अधिक विधि विधान से पूजा करने का तरीका पता है। ऐसे लोगो के लिए ही हम यहाँ भगवान् शिव की पूजा की सरल विधि प्रस्तुत कर रहें हैं –

१- कल शिवलिंग पर एक लोटा जल चढ़ाएँ। जो थोड़ा अधिक कर सकतें हैं वो लोटे में सबसे पहले थोड़ा गंगा जल, उसके बाद साधारण जल , थोड़ा शहद , थोड़ा कच्चा दूध मिला लें और फिर ॐ नमः शिवाय बोलते हुए शिवलिंग पर चढ़ा दें। साथ में यदि हो सके तो कुछ बेल पत्र भी चढ़ाएँ। जो लोग और अधिक करना चाहते है वो १०८ लोटों से शिवलिंग को स्नान कराएं।

२ – जो लोग मंदिर नहीं जा सकते है वो लोग घर पर ही भगवान् शिव के सामने दीपक जलाएं यथा संभव ॐ नमः शिवाय का जप करें।

३ – सभी को यथा संभव पुरे दिन ॐ नमः शिवाय का मानसिक रूप से जप करना चाहिए।

४ – कल जिनके पास समय है उन्हें रुद्राभिषेक करना चाहिए। जो स्वयं नहीं कर सकते उन्हें किसी वेद पाठी ब्राह्मण से रुद्राभिषेक कराना चाहिए।

५- जो लोग स्वयं रुद्राभिषेक करना चाहते हैं उनके लिए नीचे यूटयूब वीडियो दी गयी है। जो लोग पाठ नहीं कर सकते वो इसको सुनकर लाभ ले सकते है। पढ़ने के लिए पीडीऍफ़ भी दी गयी है हिंदी इंग्लिश एवं संस्कृत में।

 

Rudrashtadhyayi HindiBook Pdf

Complete PDF of 16 Verses in praise of Rudra from Rudrashtadhyayi

हमारे द्वारा लिखे हुए कुछ अन्य लेख जो शिव साधना के लिए बहुत अधिक उपयोगी हैं नीचे दिए गए हैं –

Shiva Shadakshari Mantra Sadhna Evam Siddhi

Pashupatastra Mantra Sadhana Evam Siddhi

Aghorastra Mantra Sadhna Vidhi

Shiv Sadhana Vidhi on Shivratri

जानिए शिवपुराण के अनुसार धन लाभ यश प्राप्ति के उपाय

जो लोग कल रुद्राभिषेक करना चाहते हैं लेकिन किसी कारण आप उसमे स्वयं उपस्थित नहीं हो सकते तो हम आपके नाम से यह पाठ करा सकते हैं। इसके लिए आप हमें नीचे लिखी जानकारी भेजें –  (Those who want to get Rudrabhishek done on their behalf send us below details)
१. आपका नाम  ( Your Name )
२. आपके माता पिता का नाम  (Your Parent’s Name)
३. आपके परिवार के अन्य सदस्यों का नाम  (Name of other family members who want to get benefit)
४. आपका गोत्र  (Your gotra. If you don’t know it is ok not to send)
५. आपका एक फोटोग्राफ (Your latest photograph)

६. आपका पता जहां पूजा का प्रसाद आपको भेजा जायेगा। (Your address where we will send pooja prasaad)

पूजा के दौरान एक पारद शिवलिंग एवं एक रुद्राक्ष को प्राण प्रतिष्टित किया जायेगा जो आपके पते पर आपको भेज दिया जायेगा। इस पारद शिवलिंग को घर के पूजा घर में स्थापित करना है और रुद्राक्ष को अपने गले में अथवा पूजा घर में ही रखा जा सकता है। ( We will send one parad shivling and one rudraksha at your given address as a prasaad after this pooja )

इस संपूर्ण पूजा का  शुल्क Rs 3100 है जिसे आप नीचे लिखे अकाउंट में जमा करा सकते हैं।  (Deposit Rs 3100/= in below account)

Sumit Girdharwal
Axis Bank
912020029471298
IFSC Code – UTIB0001094

OR
Rupali Singh
34362973431
State Bank of India
IFSC Code – SBIN0003058

अधिक जानकारी के लिए हमें संपर्क करें –

9410030994 (Sumit Girdharwal Ji) or 9917325788 (Shri Yogeshwaranand Ji)

सरल स्वभाव एवं अंतः करण की शुद्धता

इस कहानी को पढ़कर बहुत ही अच्छा लगा सोचा आप सब लोगों से भी शेयर करूँ।  इससे हमें यह शिक्षा मिलती है की प्रभु को प्राप्त करने के लिए कठोर साधना की नहीं बल्कि सरल स्वभाव एवं शुद्ध अंतः करण  की आवश्यक्ता है।

छोटे-से गांव में एक दरिद्र विधवा ब्राह्मणी रहती थी। छह वर्षीय बालक मोहन के अतिरिक्त उसका और कोई नहीं था।

वह दो-चार भले घरों से भिक्षा मांगकर अपना तथा बच्चे का पेट भर लेती और भगवान का भजन करती थी। भीख पूरी न मिलती तो बालक को खिलाकर स्वयं उपवास कर लेती। यह कम चलता रहा।  ब्राह्मणी को लगा कि ब्राह्मण के बालक को दो अक्षर न आए यह ठीक नहीं है। गांव में पढ़ाने  की व्यवस्था नहीं थी। गाँव से दो कोस पर एक पाठशाला थी। ब्राह्मणी अपने बेटे को लेकर वहा गई। उसकी दरिद्रता तथा रोने पर दया करके वहां के अध्यापक ने बच्चे को पढ़ाना स्वीकार कर लिया।

वहां पढने वाले छात्र गुरु के घर में रहते थे किंतु ब्राह्मणी का पुत्र मोहन अभी बहुत छोटा था और ब्राह्मणी को भी अपने पुत्र को देखे विना चैन नहीं पड़ता था अत: मोहन नित्य पढ़ने जाता और सायंकाल घर लौट आता। उसको विद्या प्राप्ति के लिए प्रतिदिन चार कोस चलना पड़ता। मार्ग में कुछ दूर जंगल था। शाम को लौटने में अंधेरा होने लगता था। उस जंगल में मोहन को डर लगता था।

एक दिन गुरुजी के यहा कोई उत्सव था। मोहन को अधिक देर हो गई और जब वह घर लौटने लगा रात्रि हो गई थी। अंधेरी रात जंगली जानवरों की आवाजों से बालक मोहन भय से थर-थर कांपने लगा। ब्राह्मणी भी देर होने के कारण बच्चे को ढूंढने निकली थी। किसी प्रकार अपने पुत्र को वह घर ले आई। मोहन ने सरलता से कहा : ”मां ! दूसरे लड़को को साथ ले जाने तो उनके नौकर आते हैं। मुझे जंगल में आज बहुत डर लगा। तू मेरे लिए भी एक नौकर रख दे।” बेचारी ब्राह्मणी रोने लगी। उसके पास इतना पैसा कहा कि नौकर रख सके।

माता को रोते देख मोहन ने कहा : ”मां ! तू रो मत ! क्या हमारा और कोई नहीं है ?” अब ब्राह्मणी क्या उत्तर दे ? उसका हृदय व्यथा से भर गया।उसने कहा : ”बेटा ! गोपाल को छोड़कर और कोई हमारा नहीं है।” बच्चे की समझ में इतनी ही बात आई कि कोई गोपाल उसका है।
उसने पूछा : ”गोपाल कौन ? वे क्या लगते हैं मेरे और कहा रहते हैं ?” ब्राह्मणी ने सरल भाव से कह दिया : ”वे तुम्हारे भाई लगते हैं। सभी जगह रहते हैं परंतु आसानी से नहीं दिखते। संसार में ऐसा कौन सा स्थान है जहां वे नहीं रहते। लेकिन उनको तो देखा था ध्रुव ने, प्रहलाद ने ओर गोकुल के गोपों ने।” बालक को तो अपने गोपाल भाई को जानना था। वह पूछने लगा : गोपाल मुझसे छोटे हैं या बड़े अपने घर आते हैं या नहीं?माता ने उसे बताया : ”तुमसे वे बड़े हैं और घर भी आते हैं पर हम लोग उन्हें देख नहीं सकते। जो उनको पाने के लिए व्याकुल होता है उसी के पुकारने पर वे उसके पास आते हैं।”

मोहन ने कहा : ”जंगल में आते समय मुझे बड़ा डर लगता है। मैं उस समय खूब व्याकुल हो जाता हूं। वहां पुकारू तो क्या गोपाल भाई आएंगे ?” माता ने कहा : ”तू विश्वास के साथ पुकारेगा तो अवश्य वे आएंगे।” मोहन की समझ में इतनी बात आई कि जंगल में अब डरने की जरूरत नहीं है। डर लगने पर मैं व्याकुल होकर पुकारूंगा तो मेरा गोपाल भाई वहा आ जाएगा। दूसरे दिन पाठशाला से लौटते समय जब वह वन में पहुचा उसे डर लगा। उसने पुकारा : ”गोपाल भाई ! तुम कहां हो ? मुझे यहा डर लगता है। मैं व्याकुल हो रहा हूं। गोपाल भाई !” जो दीनबंधु हैं दीनों के पुकारने पर वह कैसे नहीं बोलेंगे। मोहन को बड़ा ही मधुर स्वर सुनाई पड़ा : ”भैया ! तू डर मत। मैं यह आया।” यह स्वर सुनते ही मोहन का भय भाग गया।

थोड़ी दूर चलते ही उसने देखा कि एक बहुत ही सुंदर ग्वालबाल उसके पास आ गया। वह हाथ पकड़कर बातचीत करने लगा। साथ-साथ चलने लगा। उसके साथ खेलने लगा। वन की सीमा तक वह पहुंचाकर लौट गया। गोपाल भाई को पाकर मोहन का भय जाता रहा। घर आकर उसने जब माता को सब बातें बताईं तब वह ब्राह्मणी हाथ जोडकर गदगद हो अपने प्रभु को प्रणाम करने लगी।

उसने समझ लिया जो दयामयी द्रोपदी और गजेंद्र की पुकार पर दौड़ पड़े थे मेरे भोले बालक की पुकार पर भी वही आए थे। ऐसा ही नित्य होने लगा.. एक दिन उसके गुरुजी के पिता का श्राद्ध होने लगा। सभी विद्यार्थी कुछ न कुछ भेंट देंगे। गुरुजी सबसे कुछ लाने को कह रहे थे।

मोहन ने भी सरलता से पूछा : “गुरुजी ! मैं क्या ले आऊं ?” गुरु को ब्राह्मणी की अवस्था का पता था। उन्होंने कहा : ‘बेटा ! तुमको कुछ नहीं लाना होगा।’ लेकिन मोहन को यह बात कैसे अच्छी लगती। सब लड़के लाएंगे तो मैं क्यों न लाऊं उसके हठ को देखकर गुरुजी ने कह दिया : ”अच्छा तुम एक लोटा दूध ले आना।”  घर जाकर मोहन ने माता से गुरुजी के पिता के श्राद्ध की बात कही और यह भी कहा” मुझे एक लोटा दूध ले जाने की आज्ञा मिली है।” ब्राह्मणी के घर में था क्या जो वह दूध ला देती। मांगने पर भी उसे दूध कौन देता लेकिन मोहन ठहरा बालक। वह रोने लगा।  अंत में माता ने उसे समझाया : ”तू गोपाल भाई से दूध मांग लेना। वे अवश्य प्रबंध कर देंगे।”
.
दूसरे दिन मोहन ने जंगल में गोपाल भाई को जाते ही पुकारा और मिलने पर कहा : ”आज मेरे गुरुजी के पिता का श्राद्ध है। मुझे एक लोटा दूध ले जाना है। मां ने कहा है कि गोपाल भाई से मांग लेना। सौ मुझे तुम एक लोटा दूध लाकर दो।”  गोपाल ने कहा : ”मैं तो पहले से यह लौटा भर दूध लाया हूं । तुम इसे ले जाओ।” मोहन बड़ा प्रसन्न हुआ।  पाठशाला में गुरुजी दूसरे लड़कों के उपहार देखने और रखवाने में लगे थे। मोहन हंसता हुआ पहुंचा। कुछ देर तो वह प्रतीक्षा करता रहा कि उसके दूध को भी गुरुजी देखेंगे। पर जब किसी का ध्यान उसकी ओर न गया तब वह बोला : ‘गुरुजी ! मैं दूध लाया हूं।’ गुरु जी ढेरों चीजें सम्हालने में व्यस्त थे। मोहन ने जब उन्हें स्मरण दिलाया तब झुंझलाकर बोले : ”जरा-सा दूध लाकर यह लड़का कान खाए जाता है जैसे इसने हमें निहाल कर दिया। इसका दूध किसी बर्तन से डालकर हटाओ इसे यहां से।” मोहन अपने इस अपमान से खिन्न हो गया। उसका उत्साह चला गया। उसके नेत्रों से आंसू गिरने लगे। नौकर ने लोटा लेकर दूध कटोरे मे डाला तो कटोरा भर गया फिर गिलास में डाला तो वह भी भर गया। बाल्टी में टालने लगा तो वह भी भर गई। भगवान के हाथ से दिया वह लोटा भर दूध तो अक्षय था। नौकर घबराकर गुरुजी के पास गया। उसकी बात सुनकर गुरुजी तथा और सब लोग वहां आए अपने सामने एक बड़े पात्र में दूध डालने को उन्होंने कहा। पात्र भर गया पर लोटा तनिक भी खाली नहीं हुआ। इस प्रकार बड़े-बड़े बर्तन दूध से भर गए।
.
अब गुरुजी ने पूछा : ”बेटा ! तू दूध कहां से लाया हें ?” सरलता से बालक ने कहा : ”मेरे गोपाल भाईआ ने दिया।” गुरुजी और चकित हुए। उन्होंने पूछा : ”गोपाल भाई कौन ? तुम्हारे तो कोई भाई नहीं।” मोहन ने दृढ़ता से कहा : ”है क्यों नहीं। गौपाल भाई मेरा बड़ा भाई है। वह मुझे रोज वन में मिल जाते है। मां कहती हैं कि वह सब जगह रहता है पर दिखता नहीं कोई उसे खूब व्याकुल होकर पुकारे तभी वह आ जाता है। उससे जो कुछ मांगा जाए वह तुरंत दे देता है।” अब गुरुजी को कुछ समझना नहीं था। मोहन को उन्होंने हृदय से लगा लिया। श्राद्ध में उस दूध से खीर बनी और ब्राह्मण उसके स्वाद का वर्णन करते हुए तृप्त नहीं होते थे । गोपाल भाई के दूध का स्वाद स्वर्ग के अमृत में भी नहीं तब संसार के किसी पदार्थ में कहां से होगा। उस दूध का बना श्राद्धान्त पाकर गुरुजी के पितर तृप्त ही नहीं हुए, माया से मुक्त भी हो गए।

श्राद्ध समाप्त हुआ। संध्या को सब लोग चले गए। मोहन को गुरुजी ने रोक लिया था। अब उन्होंने कहा : ”बेटा ! मैं तेरे साथ चलता हूं। तू मुझे अपने गोपाल भाई के दर्शन करा देगा न ?” मोहन ने कहा : ”चलिए मेरा गोपाल भाई तो पुकारते ही आ जाता है।” वन में पहुंच कर उसने पुकारा। उत्तर में उसे सुनाई पड़ा : ”आज तुम अकेले तो हो नहीं तुम्हें डर तो लगता नहीं, फिर मुझे क्यों बुलाते हो ?”  मोहन ने कहा : ”मेरे गुरुजी तुम्हें देखना चाहते हैं तुम जल्दी आओ !” जब मोहन ने गोपाल भाई को देखा तो गुरुजी से कहा : ”आपने देखा मेरा गोपाल भाई कितना सुदर है ?”  गुरुजी कहने लगे : “मुझे तो दिखता ही नहीं। मैं तो यह प्रकाशमात्र देख रहा हूं।”  अब मोहन ने कहा : “गोपाल भाई ! तुम मेरे गुरुजी को दिखाई क्यों नहीं पड़ते ?”

उत्तर मिला : ”तुम्हारी बात दूसरी है। तुम्हारा अत: करण शुद्ध है तुम्हारा स्वभाव सरल है, अत: मैं तुम्हारे पास आता हूं।तुम्हारे गुरुदेव को जो प्रकाश दिख गया उनके लिए वही बहुत है। उनका इतने से ही कल्याण हो जाएगा।”  उस अमृत भरे स्वर को सुनकर गुरुदेव का हृदय गदगद हो गया। उनको अपने हृदय में भगवान के दर्शन हुए। भगवान की उन्होंने स्तुति की। कुछ देर में जब भगवान अंतर्धान हो गए, तब मोहन को साथ लेकर वे उसके घर आए और वहां पहुंचकर उनके नेत्र भी धन्य हो गए।

गोपाल भाई उस ब्राह्मणी की गोद में बैठे थे और माता के नेत्रों की अश्रुधार उनकी काली धराली अलकों को भिगो रही थी। माता को शरीर की सुध-बुध ही नहीं थी।


Read the rest of this entry

भक्ति

भक्ति में कामना जरा भी नहीं रहती…..अगर भक्ति में कामना रहे, तो भक्ति का प्रश्न ही नहीं। अगर आपने परमात्मा से कुछ मांगा, तो चूक गए…कुछ भी मांगा तो चूक गए। आपने कहा कि मेरी पत्नी बीमार है ठीक हो जाए, कि मेरे बेटे को नौकरी नहीं लगती नौकरी लग जाए, तो समझो आप चूक रहे हो, अवसर को खो रहे हो…फिर तो यह प्रार्थना न रही, यह तो कामना हो गयी।

भक्ति तो तभी है जब कोई भी मांग न हो, जब कोई अपेक्षा न हो, जब स्वयं का कोई विचार ही न हो, सब कुछ मौन में परिवर्तित हो जाये कहने को कुछ शेष रहे ही ना शब्द उनकी कृपा में विलीन हो जाये। भक्ति शुद्ध धन्यवाद है, मांग का सवाल ही नहीं है..

जो दिया वह इतना ज्यादा है कि हम अनुगृहीत हैं। जो दिया, वह हमारी पात्रता से कहीँ अधिक है, जिस संसार सागर के गर्त में हम गिरे हुए है हम तो जरा सी कृपा के अधिकारी भी नहीँ फिर भी हम भक्ति के अधिकारी हुए ये उनकी कृपा नही तो और क्या है।

ऐसी कृतज्ञता का नाम ही तो भक्ति है, भक्ति सौ प्रतिशत प्रीति है..!

Bhakti ka Vastwik Arth

Donate Us to be part of this good work

 

1. Baglamukhi Puja Vidhi in English (Maa Baglamukhi Pujan Vidhi)

2. Dus Mahavidya Tara Mantra Sadhana Evam Siddhi

3. Baglamukhi Pitambara secret mantras by Shri Yogeshwaranand Ji

4. Bagalamukhi Beej Mantra Sadhana Vidhi

5. Baglamukhi Pratyangira Kavach

6. Durga Shabar Mantra

7. Orignal Baglamukhi Chalisa from pitambara peeth datia

8. Baglamukhi kavach in Hindi and English

9. Baglamukhi Yantra Puja

10. Download Baglamukhi Chaturakshari Mantra and Puja Vidhi in Hindi Pdf

11. Dusmahavidya Dhuamavai (Dhoomavati) Mantra Sadhna Vidhi 

12. Mahashodha Nyasa from Baglamukhi Rahasyam Pitambara peeth datia

13. Mahamritunjaya Mantra Sadhana Vidhi in Hindi and Sanskrit

14. Very Rare and Powerful Mantra Tantra by Shri Yogeshwaranand Ji

15. Mahavidya Baglamukhi Sadhana aur Siddhi

16. Baglamukhi Bhakt Mandaar Mantra 

17. Baglamukhi Sahasranamam

18. Dusmahavidya Mahakali Sadhana

19. Shri Balasundari Triyakshari Mantra Sadhana

20. Sri Vidya Sadhana

21. Click Here to Download Sarabeswara Kavacham

22. Click Here to Download Sharabh Tantra Prayoga

23. Click Here to Download Swarnakarshan Bhairav Mantra Sadhana Vidhi By Gurudev Shri Yogeshwaranand Ji

34. Download Mahakali Mantra Tantra Sadhna Evam Siddhi in Hindi Pdf

35. Download Twenty Eight Divine Names of Lord Vishnu in Hindi Pdf

36. Download Shri Hanuman Vadvanal Stotra in Hindi Sanskrit and English Pdf

37. Download Shri Narasimha Gayatri Mantra Sadhna Evam Siddhi in Hindi Pdf

38. Download Santan Gopal Mantra Vidhi in Hindi and Sanskrit  Pdf

39. Download Shabar Mantra Sadhana Vidhi in Hindi Pdf

40. Download sarva karya siddhi hanuman mantra in hindi

41. Download Baglamukhi Hridaya Mantra in Hindi Pdf

42. Download Baglamukhi Mantra Avam Sadhna Vidhi in Hindi

43. Download Shiva Shadakshari Mantra Sadhna Evam Siddhi ( Upasana Vidhi)

44. Download Vipreet Pratyangira Mantra Sadhna Evam Siddhi & Puja Vidhi in Hindi Pdf

45. Download Aghorastra Mantra Sadhna Vidhi in Hindi & Sanskrit  Pdf

46. Download Shri Lalita Tripura Sundari khadgamala Stotram in Sanskrit & Hindi Pdf

47. Download Sarva Karya Siddhi Saundarya Lahri Prayoga in Hindi Pdf

48. Download Pashupatastra Mantra Sadhana Evam Siddhi  Pdf in Hindi & Sanskrit

49. Download Param Devi Sukt of Ma Tripursundari Mantra to attract Money & Wealth

50. Download Very Powerful Hanuman Mantra Sadhna and Maruti Kavach in Hindi Pdf

51. Download Baglamukhi Pitambara Ashtottar Shatnam Stotram

52. Download Magha Gupta Navaratri 2015 Puja Vidhi and Panchanga

53. Download Baglamukhi Chaturakshari Mantra and Puja Vidhi in Hindi Pdf

54. Chinnamasta Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi

55. Download Baglamukhi Ashtakshar Mantra Sadhana in Hindi

56. Download Baglamukhi Bhakt Mandaar Mantra for Wealth & Money

57. Download Shiv Sadhana Vidhi on Shivratri 12 August 2015 Shiv Puja Vidhi in Hindi Pdf

58. Pushp Kinnari Sadhana Evam Mantra Siddhi in Hindi

Read the rest of this entry