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Shri Baglamukhi Tantram Book by Sri Yogeshwaranand & Sumit Girdharwal

Shri Baglamukhi Tantram Book by Sri Yogeshwaranand & Sumit Girdharwal

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माँ पीताम्बरा की अनुकम्पा से ” श्री बगलामुखी तन्त्रम ” ग्रंथ का प्रकाशन संभव हुआ। आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि यह आपके जीवन में आपका मार्गदर्शन करेगा। ISBN – 9789352884773,9352884779

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अनुक्रमणिका

1 –  साधना पूर्व ज्ञातव्य तथ्य

नाम, कुल, आम्नाय, आचार, विद्या, गणेश, शिव, भैरव, यक्षिणी, अंग-विद्या, कुल्लुका, सेतु-महासेतु, निर्वाण, दीपन, जीवन, मुख शोधन, उत्कीलन, शापोद्धार, भाव, क्रम, मन्त्र, मुद्राएं, चैर गणेश मन्त्र, अन्य तथ्य, भगवती बगला का गुरु-क्रम: दिव्यौघ, सिद्धौघ, मानवौघ, मूल विद्याएं कौन सी हैं?, ‘कुल’ क्रमानुसार वर्गीकरण, भगवती बगला के विभिन्न नाम, प्रयोजन भेद से फल-विभेद, कुछ विशेष: वल्ली-सिद्धि मन्त्र, वशीकरण प्रयोग, स्वप्न-विद्या-8।
2- मुद्राएं

मुद्राओं का चित्र द्वारा प्रदर्शन, आवाहिनी मुद्रा, स्थापिनी मुद्रा, सन्निधापिनी मुद्रा, सन्निरोधिनी मुद्रा, धेनु मुद्रा, योनि मुद्रा, मत्स्य मुद्रा, मुद्गर मुद्रा, कूर्म-मुद्रा।
3- श्री बगलामुखी पूजन विधान
पूजन-सामग्री, दीप-पूजन, संकल्प, ध्यान, आवाहन, सान्निध्य, पाद्य, अर्घ्य , आचमन, स्नान, दुग्ध स्नान, दधि स्नान, घृत स्नान, मधु-स्नान, शर्करा स्नान, गन्धोदक स्नान, शुद्धोदक स्नान, वस्त्र तथा उपवस्त्र, गन्ध, सौभाग्य सूत्र, अक्षत, हरिद्रा, कुंकुम, सिन्दूर, कज्जल, पुष्प-पुष्पमाला, धूप, दीप, नैवेद्य तथा ऋतुफल, ताम्बूल, दक्षिणा, पुष्पाञ्जलि, आरती,प्रदक्षिणा, प्रार्थना।
4- आवरण-पूजा
प्रथम आवरण-35, द्वितीय आवरण, तृतीय आवरण, चतुर्थ आवरण, पंचम आवरण, षष्टम् आवरण, सप्तम आवरण, पुष्पांजलि, प्रार्थना, कुछ विशेष।
5- मन्त्रोत्कीलन
बगला-मन्त्र-उत्कीलन-विधान, हृदयादिन्यास, श्री बगला कीलक स्तोत्र।
6- श्री बगला अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् (108 नाम )
विनियोग, स्तोत्र, कुछ विशेष।
7- श्री बगलामुखी-स्तोत्रम् 
विनियोग, हृदयादिन्यास, ध्यान, स्तोत्र, भावार्थ, कुछ विशेष।
8- श्री बगलामुखी-हृदय-स्तोत्रम्
श्री बगलामुखी-हृदय-स्तोत्रम्, विनियोग, करांग-न्यास, ध्यान, जप-मन्त्र, स्तोत्र, फलश्रुति।
9- कवच
दशांगों में मुख्य अंग, कवच की महत्ता, प्रमाणीकरण की अनिवार्यता, कवच की विशेषताएं, श्री विश्वविजय- कवच, कवच-पाठ, फलश्रुति, भावार्थ, कवच का अर्थ, कवच के तान्त्रिक प्रयोग, वीर तन्त्रोक्त बगलामुखी कवच, कवच-पाठ, विनियोग, षडंगन्यास, ध्यान, विधान।
10- बगला प्रत्यंगिरा कवच
अथ बगला-प्रत्यंगिरा कवचम्: श्री शिव उवाच, श्री देव्युवाच, श्री भैरव उवाच, श्री सदाशिव उवाच, श्री पार्वत्युवाच, श्री शिव उवाच, विनियोग, जपमन्त्र, पाठ, बगला प्रत्यंगिरा कवच का विशिष्ट प्रयोग, बगला प्रत्यंगिरा मन्त्र।
11- श्री बगलामुखी के विविध् मन्त्र एवं उनका विधान
एकाक्षरी, त्रयाक्षरी, चतुर्क्षरी, पञ्चाक्षर, सप्ताक्षर, अष्टाक्षर, नवाक्षर, एकादशाक्षर, पञ्चचदशाक्षर, एकोनिविंशाक्षर, त्रयविंशाक्षर, चतुस्त्रिांशदक्षर, षट्त्रिंशदक्षर, अष्टत्रिंशदक्षर, त्रिचत्वारिंशदक्षर, पञ्च चत्वारिंशदक्षर, अशीत्यक्षर हृदय मन्त्र, शताक्षर मन्त्र, भगवती के अन्य मन्त्र, बाला भिन्नपाद बगला-मन्त्र, संहारक्रम में कालरात्रि बगला समष्टि मन्त्र, वशीकरण हेतु सुमुखि बगला मन्त्र, बगला चामुण्डा मन्त्र, विशिष्ट मारण मन्त्र, बगला प्रत्यंगिरा मन्त्र, बगला गायत्राी मन्त्र,  भगवती बगला के पञ्चास्त्र, पञ्चास्त्रों के मन्त्र: वडवामुखी, उल्कामुखी, जातवेदमुखी, ज्वालामुखी, वृहदभानुमुखी, भगवती बगला के कुछ विशिष्ट मन्त्र, पांडवी चेटिका विद्या, ब्रह्मास्त्र उपसंहार विद्या, परविद्या-ग्रसिनी मन्त्र, औपनिषदिक मन्त्र, वल्लीसिद्धि, स्त्री -वशीकरण, स्वप्न-विद्या,  शत्रु विध्वंसक मन्त्र, बगला एकाक्षरी मन्त्र विधान, विनियोग, ऋष्यादि न्यास, करन्यास, अंगन्यास, प्रथम ध्यान, दूसरा ध्यान, पुरश्चरण विधि, बगला मातृका न्यास, चतुरक्षरी मन्त्र विधान: मन्त्रा स्वरूप, ध्यान, विनियोग, करन्यास, षडंगन्यास, विधान, चतुक्षरी मन्त्र द्वारा तर्पण के तान्त्रिक प्रयोग, होम द्वारा अभिचार कर्म सम्पादन, बगला अष्टाक्षर मन्त्र विधान, मन्त्र, विनियोग, ऋष्यादिन्यास, करन्यास, षडंगन्यास, ध्यान, बगला अष्टाक्षर मन्त्र के विविध प्रयोग, श्री बगला गायत्री मन्त्र, जप विधान, विनियोग, ऋष्यादिन्यास, करन्यास, षडंगन्यास, प्रयोग, बीज सम्पुटीकरण विधान, विनियोग, ऋष्यादिन्यास, करन्यास, अंगन्यास, ध्यान, प्रातःकाल में, मध्याद्द काल में-115, एकोनविंशाक्षर मन्त्रा (भक्त मन्दार विद्या), उद्धार, ध्यान, जपमन्त्र, त्रायविंशाक्षर मन्त्र, जपमन्त्रा, ध्यान-117, चतुस्ंित्राशदक्षर मन्त्रा-विधान, ध्यान, विनियोग, न्यास षट्विंशदक्षर मन्त्र-विधान, जपमन्त्र, ध्यान, जपमन्त्र, विनियोग, ऋष्यादिन्यास, करन्यास, षडंगन्यास, ध्यान, मन्त्राराज की सिद्धि हेतु पूर्ण विधान, प×चक्रमासक्त, मन्त्रवर्ण न्यास, मन्त्रा-122, पुरश्चरण के फल-123, फल एवं होम: आकर्षण, विद्वेषण, स्तम्भन, शत्राु-विनाश, उच्चाटन, रोगनाश, समस्त कार्य सिद्धि, शीघ्रगमन सिद्धि, अदृश्यीकरण, शत्राु-सामथ्र्य-हरण, विष-निवारण, दरिद्रता-नाश-127, गति-स्तम्भन, वाणी-स्तम्भन, शत्राु के सभी क्रिया-कलापों का स्तम्भन, दिव्य घटनाओं का स्तम्भन, अतिवृष्टि-स्तम्भन, मन्त्र राज के अन्य प्रयोग, कुछ विशिष्ट प्रयोग: सभी कार्यों में सिद्धि हेतु, सर्वाभीष्ट सिद्धि हेतु-132, शत्राुओं पर विजय-प्राप्ति, प्राण-प्रतिष्ठा मन्त्रा, शत्राुनाश हेतु पुतली-प्रयोग, विधान, पागल व रोगग्रस्त करने हेतु, प्रेतवस्त्र पर लिखायी का प्रारूप, शत्रु-स्तम्भन, शत्रु को आलस्य देना, शत्रु-पीड़ा व उन्मादग्रस्तीकरण, द्वितीय प्रयोग, तृतीय प्रयोग-143, चतुर्थ प्रयोग, पंचम प्रयोग, षष्ठम प्रयोग, एकोन प×चादशक्षर-विधान, जपमन्त्रा, प्रथम ध्यान, द्वितीय ध्यान, विनियोग, न्यास, षडंगन्यास-146, करन्यास, जपमन्त्रा, विनियोग-147, बगला-हृदय-मन्त्र, मन्त्र, प्रयोग, श्री बगलामुखी शताक्षरी महामन्त्र, मन्त्र, विनियोग, ऋष्यादिन्यास, करन्यास, अंगन्यास, ध्यान, शताक्षरी मन्त्रा प्रयोग, परविद्या-भेदन मन्त्रा, विनियोग, ऋष्यादिन्यास, करन्यास, षडंगन्यास, कुलेश्वरी (बगला) ध्यान, मारण प्रयोग, जपमन्त्र, विनियोग, ध्यान, प्रयोग-विधि, परकृत्य प्रयोग शमन-158, ब्रह्मास्त्र-उपसंहार-विद्या, कालरात्रि-मन्त्र, ध्यान, विनियोग, षडंगन्यास, मन्त्र जप, गरुड़ (ताक्ष्र्य) मन्त्रा, आनन्द-भैरव मन्त्र, कुछ विशेष।
12- श्री बगलामुखी माला मन्त्र 
13- श्री ब्रह्मास्त्र माला मन्त्र 
14- श्री बगलामुखी सूक्तम्
श्री बगला सूक्तम् (कृत्यानाशक प्रयोग) ।
15- श्री बगलामुखी पञ्जर स्तोत्र 
विनियोग, ऋष्यादिन्यास, करन्यास, अंगन्यास, व्यापक न्यास, अंगन्यास, ध्यान, पञ्जर स्तोत्र, पञ्जर न्यास स्तोत्रम्, कुछ विशेष।
16 बगलामुखी अंग देवता
हरिद्रा गणेश, मन्त्रा, विनियोग, ऋष्यादिन्यास, करन्यास, षडंगन्यास, ध्यान-178, मानसोपचार, शरभेश्वर-मन्त्रा, मन्त्रा, विनियोग, ऋष्यादिन्यास-179, करन्यास, षडंगन्यास,
ध्यान, निग्रह दारुण-सप्तकम्-180, ध्यान, भावार्थ-182, विनियोग, पाठ-183, फलश्रुति, स्वर्णाकर्षण भैरव-प्रयोग, मन्त्रा, विनियोग, ऋष्यादिन्यास-184, ध्यानम्-185, त्रयक्षरी मृत्यु×जय मन्त्रा प्रयोग, मन्त्रा, विनियोग, ऋष्यादिन्यास,
ध्यानम्, द्वादशाक्षर मृत्यु×जय मन्त्रा प्रयोग-186, विनियोग, ऋष्यादिन्यास, पंचांग न्यास, ध्यान, महामृत्यु×जय मन्त्रा-जप-विधान, मन्त्रा-188, विनियोग, ऋष्यादिन्यास, कर-षडंग-न्यास-189, वर्ण-न्यास-190, पदन्यास, ध्यानम्-191, श्री कण्ठादि मातृका कलान्यास, विनियोग, ऋष्यादिन्यास, कर-षडंगन्यास, ध्यानम्, समर्पण, श्री बटुक भैरव-मन्त्र- जप-प्रयोग, मन्त्र-195, विनियोग, करन्यास, षडंगन्यास,
ध्यान-196।
17-  भगवती बगला के शाबर-मन्त्र
मन्त्र, कुछ विशेष।
18- भूत-शुद्धि
दिव्यता अनिवार्य है, भूत-शुद्धि का महत्व, चित्त-शुद्धि, भूत-शुद्धि की अनिवार्यता, विधान, भूत-शुद्धि की प्रक्रिया, प्रथम प्रक्रिया, द्वितीय प्रक्रिया, तृतीय प्रक्रिया, चतुर्थ विधान, आत्म प्राण प्रतिष्ठा, ऋष्यादिन्यास, कर षडंग न्यास, धातु प्रतिष्ठा, मातृका न्यास: अन्तर्मातृका न्यास, ऋष्यादिन्यास, प्राणायाम, कर षडंग न्यास, कर शुद्धि न्यास, ध्यान, बहिर्मातृका न्यास: संहारमातृका न्यास, ऋष्यादिन्यास, षडंगन्यास, ध्यानम्, न्यास विधि, सृष्टि मातृका न्यास, विनियोग, ऋष्यादिन्यास, ध्यानम्, न्यास विधि, स्थिति मातृका न्यास: विनियोग, ऋष्यादिन्यास, कर-षडंग-न्यास, ध्यानम्, न्यास- विधि।
19- न्यास 
न्यास का अर्थ, न्यास के प्रकार, न्यास-विधान, लघु षोढ़ान्यास, विनियोग, ध्यानम्, गणेशन्यास, ग्रहन्यास, नक्षत्र न्यास, योगिनी-न्यास, ध्यान-239, अनाहत चक्र में शाकिणी का ध्यान-240, मणिपुर चक्र में लाकिनी का ध्यान-241, मूलाधार चक्र में शाकिनी का ध्यान, आज्ञाचक्र में हाकिनी का ध्यान-242, ब्रहरन्ध्र में सहस्त्रा दल कमल में याकिनी का ध्यान, राशिन्यास: ध्यानम्-243, पीठन्यास-244।
20 श्री बगलामुखी कल्प विधन
प्रयोग-विधि, दिग्वन्धन, विनियोग, ध्यानम्, मन्त्रोद्धार, पूजा, मन्त्र, स्तोत्रम्, कुछ विशेष।
21- अष्टोत्तर-शताध्कि श्री बगला-नागार्चन
ध्यानम्, नामार्चन-264।
22 सौभाग्य अर्चन 
सौभाग्यार्चा के लिए ज्ञातव्य तथ्य, सौभाग्य-अर्चन क्या है?, सौभाग्यार्चा हेतु तिथि एवं दिन, शक्ति चयन, अर्चना विधान, शिव उवाच, सौभाग्यार्चन में वर्जनाएं, शक्ति का षोडशोपचार पूजन, अर्चनोपरान्त कर्त्तव्य , श्रीसूक्त मन्त्रों द्वारा शक्ति का षोडशोपचार पूजन, आवाहन, आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, पंचामृत स्नान, उद्वर्तन, वस्त्र-उपवस्त्र, गन्ध, सौभाग्य-सूत्र, अक्षत, हरिद्रा, कुंकुम, सिन्दूर, पुष्पमाला, धूप, दीप, नैवेद्य तथा फल, खीर व अपूप, ताम्बूल-329, दक्षिणा, पुष्पांजलि-330, नीराजन, दक्षिणा, अनुग्रह श्लोक- 331, क्षमा-प्रार्थना-332, कुछ विशेष।
23- दीप-दान-विधन
सामग्री एकत्राीकरण, समय, साधना हेतु तैयारी, संकल्प एवं जप।
24 श्री बगलामुखी हवन पद्धिति 
अग्नि-जिह्ना-आवाहन, राजसी जिह्ना-337, तामसी जिह्ना, सात्विक जिह्ना, अग्नि-नाम, दिशा-विधान, हवन कुण्ड- विधान-338, कर्म भेद से यज्ञ सामग्री-विधान-339, विशेष होम-प्रकरण, नवग्रह-चक्र-341, षोडशमातृका-चक्र, सप्तघृत- मातृका-चक्र-342, सर्वदेव पूजन-343, शेषनाग का मुख-344, आत्मशुद्धि, आसन शुद्धि, संकल्प-345, स्वस्तिवाचन-346, ब्राह्मण-पूजा-347, गणेश पूजन-348, कलश-पूजन, ओंकार पूजन-350, ब्रह्मपूजा, विष्णु पूजन-351, शिव पूजन, लक्ष्मी पूजन-352, षोडश मातृका-पूजन, वास्तु-पूजन-353, योगिनी- पूजन, इन्द्र-पूजन-354, वायु-पूजन, अग्नि-पूजन, धर्म-पूजन, यम-पूजन-355, सूर्य-पूजन, चन्द्र-पूजन-356, भौम-पूजन, बुध-पूजन-357, बृहस्पत्यावाहन, शुक्र-पूजन-358, शनि-पूजन, राहु-पूजन-359, केतु-पूजन-360, ऋषि-पूजन, दिग्रक्षण-361, बलिदान, बलि हेतु मुद्राएं: बटुक-365, योगिनी, क्षेत्रापाल, गणेश, भूत, बलि-विधान-366, प्रार्थना-368, कुछ विशेष।
25 प्रयोजन एवं हवन सामग्री
मूल मन्त्र प्रयोजन, हवन सामग्री, आहुति संख्या, चतुरक्षरी मन्त्र प्रयोग: चतुरक्षरी मन्त्र के हवनात्मक प्रयोग, प्रयोजन, हवन सामग्री, आहुति-संख्या/कुण्ड- भेद, समस्त दोषों की शान्ति, तर्पण-प्रयोग (प्रश्नोत्तर), तर्पण मात्रा से सर्वाभीष्ट प्राप्ति, तर्पण प्रयोग-विधान: उद्देश्य, तर्पण-संख्या, तर्पणीय द्रव्य, गुरु-परम्परात्मक विविध प्रयोग: सम्मोहन-383, शत्राु-विनाश, शत्राुनाश, विद्वताप्राप्ति, धनप्राप्ति, विद्वेषण, धनलाभ, वशीकरण, उच्चाटन, पुष्पार्पण-विधान (प्रश्नोत्तर), यन्त्र लेपन: प्रश्नोत्तर, द्रव्य, फल, अभिचार कर्म-निवारण, कृत्योपचार, कुछ विशेष।
26- श्री बगला उत्पत्ति
पार्वती-उवाच, शंकर-उवाच-389, दोहा-390।
27- आरती श्री पीताम्बरा
आरती-1, आरती-2, कुछ विशेष।
28 श्री बगलामुखी चालीसा 
दोहा, चैपाई, दोहा।
29 क्षमा याचना

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About sumit girdharwal

I am a professional astrologer and doing research in the field of effects of mantras. I have keen interest in tantra and it's methodology. For mantra sadhana guidance email me to sumitgirdharwal@yahoo.com or call on 9540674788. For more information visit our website www.anusthanokarehasya.com

Posted on June 19, 2017, in Books and tagged , , , , , , , . Bookmark the permalink. 5 Comments.

  1. Hitesh Malviya

    Rukhahuwa peasa vapas la sakte h guruji

    On 19-Jun-2017 9:41 PM, “Mahavidya Shri Baglamukhi Sadhana Aur Siddhi” wrote:

    > sumit girdharwal posted: “Shri Baglamukhi Tantram Book by Sri
    > Yogeshwaranand & Sumit Girdharwal माँ पीताम्बरा की अनुकम्पा से ” श्री
    > बगलामुखी तन्त्रम ” ग्रंथ का प्रकाशन संभव हुआ। आशा ही नहीं अपितु पूर्ण
    > विश्वास है कि यह आपके जीवन में आपका मार्गदर्शन करेगा। अधिक जानकारी ”
    >

  2. Hi,
    Namaste,
    Very nice see your post.
    Thanks.
    Kailash.

  3. पैसा पे करने के बाद किताब कैसे मिलेगी। Please बातायें।
    On Jun 19, 2017 9:40 PM, “Mahavidya Shri Baglamukhi Sadhana Aur Siddhi” wrote:

    > sumit girdharwal posted: “Shri Baglamukhi Tantram Book by Sri
    > Yogeshwaranand & Sumit Girdharwal माँ पीताम्बरा की अनुकम्पा से ” श्री
    > बगलामुखी तन्त्रम ” ग्रंथ का प्रकाशन संभव हुआ। आशा ही नहीं अपितु पूर्ण
    > विश्वास है कि यह आपके जीवन में आपका मार्गदर्शन करेगा। अधिक जानकारी ”
    >

  4. ROHIDAS PATIL

    thanks swamijiiiiii, thank you very much to Provide such a good and sufficient book “BAGLAMUKHI TANTRAM” DEFINITELY IT WILL BE VERY HELPFULL TO ACHIEVE ALL WISHES (DESERVES) AND MOKSH FOR EVERY HUMAN BEING

    THANKS AND REGARDS

    ROHIDAS PATIL –
    SHIRPUR — MAHARASHTRA

  5. ROHIDAS PATIL

    SWAMIJI I HAVE RECEIVED THE BOOK ” BAGLAMUKHI TANTRAM” AND AT THE DAY I HAVE RECEIVED BOOK I HAVE MAKE A ORDER ANOTHER BOOK ” BAGLAMUKHI SADHANA EWAM SIDDHHI ” PLEASE TRY TO SEND AS EARLY AS POSSIBLE

    PRANAAAM SWAMIJI

    THANKS FOR THE BLESSES BY YOU AND MAA BAGLAMUKHI

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