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Chandra Grahan (Lunar Eclipse) 23 March 2016 & Holi Pooja Vidhi in Hindi

Chandra Grahan (Lunar Eclipse) 23 March 2016 & Holi Pooja Vidhi in Hindi

आज का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि चन्द्र ग्रहण एवं होली एक ही दिन पड़ रहे है। यह समय साधको के लिए बहुत ही विशेष है।

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आज चन्द्र ग्रहण दोपहर  3 बजकर 11 मिनट पर प्रारंभ  होकर  शाम  7 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण काल में अपने इष्ट देव का अधिक  से अधिक  संख्या में जप करना चाहिए। जप, ग्रहण प्रारम्भ होने के पहले ही शुरू कर देना चाहिए और ग्रहण समाप्त होने तक करते रहना चाहिए। जिन लोगो का कोई इष्ट नही है उन्हे गायत्री मंत्र, मृत्युजंय मंत्र का जप करना चाहिए अथवा गुरूमुख से लेकर कोई विशेष  साधना  भी की जा सकती है। ग्रहण के समय अथवा होली की रात्रि जप करने से मंत्र बहुत शीघ्र जाग्रत होते   हैं।  यह समय किसी भी साधक को व्यर्थ नही गवाना चाहिए।

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होली की रात्रि में भी साधक को अधिक संख्या में अपने इष्ट के मंत्रो का जप करना चाहिए। उत्सव मनाने के बाद भी हम परमात्मा के निकट न पहुँचें तो वह उत्सव वास्तव में उत्सव नहीं, वह त्यौहार त्यौहार नहीं। जीवन का दिन तो वह है कि तुम ईश्वर के रास्ते पर एक कदम आगे बढ़ जाओ। होली की रात्रि इस मार्ग पर बढ़ने का एक सुनहरा अवसर है। वर्ष की चार महारात्रियों में से एक होली की रात्रि को किये गये शुभ कर्म, साधन-भजन, जप, ध्यान कई गुना अधिक प्रभावशाली होते हैं। बाह्य उत्सव तुम्हें ईश्वरीय उत्सव में ले जाय, ईश्वरीय ज्ञान, ईश्वरीय माधुर्य, ईश्वरीय दृष्टि, ईश्वरीय प्रेम में परितृप्त कर दे। होली का उत्सव हमें यही पावन संदेश देता है कि हम भी अपने जीवन में आनेवाली विघ्न-बाधाओं के सिर पर नाचते हुए आगे बढ़ें। गुनगुनाते हुए, पद-पद पर परमात्मा के सहयोग का फायदा उठाते हुए पार हो जायें सब परेशानियों से! इसलिए होली मनायें तो किसी पावन जगह पर मनायें, संत के संग मनायें ताकि जन्म-मरण की भटकान समाप्त हो जाय। आत्मज्ञान, आत्मविश्राम, आत्मतृप्ति…आप इरादा पक्का करो, बाकी भगवान पग-पग पर सहायता करते ही हैं, बिल्कुल पक्की बात है।

कुछ विशेष प्रयोग

  • होलिका दहन में घी से भीगी दो लौंग, एक बतासा और एक पान चढ़ाने से दुश्मनी, संकट और रोगों का नाश होता है। अगर 11 परिक्रमा कर सूखा नारियल होली की अग्नि को अर्पित करें तो घर में लक्ष्मी का आगमन होता है। इस दिन काले कपड़े में काले तिल लेकर जेब में रख लें और होलिका दहन के समय अग्नि में डालें। इससे आप पर किया गया काले जादू का प्रभाव समाप्त हो जाएगा।
  • रंगोत्सव के दिन हनुमानजी को सिंदूर लगाने एवं 5 लाल पुष्प चढ़ाने से दुर्घटनाओं से रक्षा होती है, अकाल मृत्यु का भय दूर होता है, मनोकामना शीघ्र पूरी होगी।

‘होली’ अर्थात् हो… ली…। जो हो गया उसे भूल जाओ। निंदा हो ली सो हो ली… प्रशंसा हो ली सो हो ली… तुम तो रहो मस्ती और आनंद में। होली एक ऐसा अनूठा त्यौहार है जिसमें गरीब की संकीर्णता और अमीर का अहं दोनों किनारे रह जाते हैं। दबा हुआ मन एवं अहंकारी मन, दूषित मन और शुद्ध मन – इस दिन ये सारे मन ‘अमन’ होकर प्रभु के रंग में रँगने के लिए मैदान में आ जाते हैं।

यदि अभी भी आप यह निर्णय नहीं कर पा रहे हैं की आपको होली की रात्रि में अथवा चन्द्र ग्रहण में क्या करना चाहिए तो आप भगवान विष्णु के मूल मंत्र का जप करें –

ओम नमोः नारायणाय। ओम नमोः भगवते वासुदेवाय।

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आप सभी को होली की शुभकामनाएं।

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