Tara ( तारा )

Tara Tantra Mantra Sadhana Evam Siddhi
(तारा तन्त्र मन्त्र साधना एवं सिद्धि )

दश महाविद्याओं में तारा का स्थान दूसरा है। वसिष्ठ ऋषि ने इस विद्या की साधना चीन में बुद्ध से सीखी थी। बहुत समय तक साधना करने पर भी ऋषि वसिष्ठ को अभीष्ट प्राप्ति नहीं हुई तो उन्होंने इस विद्या को  शापित कर दिया। तदोपरांत देवी ने इसके प्रधान बीज (त्रीं ) में स कार लगाकर अर्थात ( स्त्रीं ) जपने को कहा। इसे वधू बीज कहा जाता है।  भगवती तारा मोक्ष दायिनी हैं अतः इसे इसे तारिणी विद्या भी कहते हैं।

ध्यान

नीलवर्णां त्रिनयनां शवासन  समायुताम्।

बिभ्रतीं विविधं भूषामर्धेन्दु शेखरां वराम्।।

त्रयक्षर मंत्र – हूं स्त्रीं हूं
पंचाक्षर तारा – ॐ ह्रीं त्रीं हुं फट्

विनियोग : अस्य श्री तारामन्त्रस्य अक्षोभ्य ऋषिः, वृहती छन्दः, तारा देवता, ह्रीं बीजं, हूं शक्तिः, स्त्रीं कीलकं,  सर्वाभीष्ट सिद्धयर्थे जपे विनियोगः।

For Tara Mantra Diksha and Sadhana email to shaktisadhna@yahoo.com or call us on 9410030994, 9540674788

Panchakshara Tara Mantra

OM HREEM TREEM HUM PHAT

Tara Gayatri Mantra

ॐ  तारायै  च  विद्महे महोग्राये च  धीमहि  ! तन्नो  देवी  प्रचोदयात  !

Tara Gayatri Mantra :-

Om tarayae ch vidhmhe mahograyae ch dhimhi ! tanno devi prachodyat !

Panchakshara Tara Mantra in Hindi and Sanskrit

  1. subscribe story

  2. I want Tara mantra diksha.can u give initiation.

  3. L.S.S.R.A.SARMA

    Namaskar,
    I want Tara mantra diksha and sadhana. Could u plz give initiation.

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