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Shiv Sadhana Vidhi on Shivratri 12 August 2015 Shiv Puja Vidhi in Hindi Pdf

Shiv Sadhana Vidhi on Shivratri 12 August 2015 Shiv Puja Vidhi in Hindi PDF

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Lord Shiva & Shakti ( Ardhanarishwar form)

शिव की महिमा अनंत है। उनके रूप, रंग और गुण अनन्य हैं। समस्त सृष्टि शिवमयी है। सृष्टि से पूर्व शिव हैं और सृष्टि के विनाश के बाद केवल शिव ही शेष रहते हैं। ऐसा माना जाता है कि ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की, परंतु जब सृष्टि का विस्तार संभव न हुआ तब ब्रह्मा ने शिव का ध्यान किया और घोर तपस्या की। शिव अर्द्धनारीश्वर रूप में प्रकट हुए। उन्होंने अपने शरीर के अर्द्धभागसे शिवा (शक्ति या देवी) को अलग कर दिया। इस प्रकार सृष्टि की रचना के लिए शिव दो भागों में विभक्त हो गए, क्योंकि दो के बिना सृष्टि की रचना असंभव है। शिव पांच तरह के कार्य करते हैं जो ज्ञानमय हैं। सृष्टि की रचना करना, सृष्टि का भरण-पोषण करना, सृष्टि का विनाश करना, सृष्टि में परिवर्तनशीलतारखना और सृष्टि से मुक्ति प्रदान करना। सृष्टि के आरंभ और विनाश के समय रुद्र ही शेष रहते हैं। कहा जाता है कि सृष्टि के आदि में महाशिवरात्रि को मध्य रात्रि में शिव का ब्रह्म से रुद्र रूप में अवतरण हुआ, इसी दिन प्रलय के समय प्रदोष स्थिति में शिव ने ताण्डव नृत्य करते हुए संपूर्ण ब्रह्माण्ड को अपने तीसरे नेत्र की ज्वाला से नष्ट कर दिया। इसीलिए महाशिवरात्रि अथवा काल रात्रि को पर्व के रूप में मनाने की प्रथा का प्रचलन है।
शिव को सहस्त्रमुखी यानी हजार मुंह वाला भी कहा गया है, लेकिन प्रमुखतया शिव पंचमुखी हैं। इन्हीं पांचों मुखों के जरिए शिव संसार को चलाते हैं। शिव की प्रिय संख्या है पांच। शिव मध्यमार्गी हैं। यानी न देवों के, न असुरों के। वह बीच के हैं, जो चाहे, वह प्राप्त कर ले। शून्यका विस्फोट हुआ, तो उससे नौ संख्याएं निकली-एक से नौ तक। पांच सबसे बीच की संख्या है। शिव पंचतत्व के देव हैं। इंद्रियां भी पांच होती हैं और शिव इंद्रियों के भी स्वामी हैं। शिव का प्रिय मंत्र है-नमः शिवाय। इसमें भी पांच ही अक्षर हैं, इसीलिए इसे ‘पंचाक्षर मंत्र’ कहा जाता है। यदि इसमें ॐ भी जोड़ दिया जाये तो यह षडाक्षरी मंत्र ॐ नमः शिवाय बन जाता है जो और भी अधिक प्रभावशाली है।
12 अगस्त 2015 को श्रावणी शिवरात्री है। इस दिन भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र नमः शिवाय अथवा ॐ नमः शिवाय का रूद्राक्ष की माला पर अथवा मानसिक रूप से जप करना चाहिए। जितना अधिक आप का जप होगा उतनी अधिक आपके ऊपर भगवान शिव की कृपा होगी।

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Baglamukhi (Pitambara ) Ashtakshari Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi | Sarva Karya Siddhi Ma Baglamukhi Mantra

Baglamukhi (Pitambara ) Ashtakshari Mantra Sadhana Evam Siddhi in Hindi ( Sarva Karya Siddhi Ma Baglamukhi Mantra )

Devi Pitambara Peeth Photo

।। भगवती पीताम्बरा के अष्टाक्षर मंत्र का महात्म्य ।।

भगवती बगलामुखी (पीताम्बरा ) के इस मंत्र का अनुष्ठान चतुराक्षर मंत्र के अनुष्ठान के बाद किया जाता हैा भगवती का यह मंत्र बहुत ही प्रभावशाली एवं चमत्कारी हैा इसकी महिमा को बताने के लिए अपने एक शिष्य के अनुभव को यहां लिख रहा हूं –
मेरे एक शिष्य को बहुत प्रयास करने के बाद भी कहीं कोई नौकरी नही मिल रही थी। बहुत अच्छी डिग्रियां हाने के बाद भी सभी जगह से उसे निराशा ही हाथ लग रही थी। तब मैनें उसे इस मंत्र का एक अनुष्ठान करने को कहा । उसने विधिवत अनुष्ठान शुरू किया और एक सप्ताह बाद ही उसका बहुत बड़ी कम्पनी में चयन हो गया।
यह तो बस एक छोटा सा अनुभव है। इसके अलावा ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिन्हें प्रेत बाधा, शत्रु बाधा, नौकरी, पारिवार में कलह, व्यवसाय में असफलता, विवाह, संतान ना होना, आदि समस्याओं में ऐसे परिणाम मिले हैं कि कोई साधारण मनुष्य तो विश्वास भी नही करेगा।
साधको के हितार्थ भगवती के अष्ठाक्षर मंत्र का विधान दे रहा हूं –
(कृपया दीक्षित साधक ही इसका जप करें। जिनकी दीक्षा नही हुई है वो सबसे पहले दीक्षा ग्रहण करें )

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